प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए हाल ही में संपन्न हुए प्रयागराज महाकुंभ की सफलता को भारत की ताकत और जीवंतता का प्रमाण बताया। पीएम मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए अपने 103 मिनट लंबे भाषण में महाकाकुंभ का जिक्र किया।
ये उनका अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस संबोधन है। इसमें पीएम मोदी ने महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि यह दुनिया के लिए एक बड़ा अजूबा है, जहाँ करोड़ों लोग एक ही भाव, एक ही प्रण और एक ही प्रयास के साथ जुटते हैं। उन्होंने महाकुंभ को भारत की विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण बताया, जो देश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर चमकाता है।
PM मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर महाकुंभ को किया याद
पीएम मोदी ने अपने भाषण में महाकुंभ का विशेष उल्लेख किया, जो जनवरी-फरवरी 2025 में प्रयागराज में आयोजित हुआ था। उन्होंने कहा कि महाकुंभ की सफलता भारत की विविधता में एकता का सबसे बड़ा उदाहरण है। संबोधन के दौरान उन्होंने त्रिवेणी संगम पर करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ का जिक्र किया, जो बिना किसी के बुलावे पर वहाँ स्वतः ही पहुँची थी। मोदी ने इसे भारत की संगठन क्षमता और सांस्कृतिक एकजुटता का प्रतीक बताया, जो दुनिया को आश्चर्यचकित करता है।
उन्होंने किसानों की भलाई, नई योजनाओं और ऑपरेशन सिंदूर जैसी उपलब्धियों का भी जिक्र किया, लेकिन महाकुंभ को सांस्कृतिक गौरव के रूप में प्रमुखता दी। यह उनका लगातार 12वाँ स्वतंत्रता दिवस संबोधन था।
महाप्रबंधन का सबसे बड़ा उदाहरण बना महाकुंभ
महाकुंभ 2025 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चला – ये दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन था, जिसमें अनुमानित 66 करोड़ श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन क्षेत्र 10,000 एकड़ में फैला था, जिसमें अतिरिक्त 5000 एकड़ पार्किंग के लिए आवंटित किए गए। प्रबंधन में डिजिटल तकनीक, ड्रोन निगरानी और एआई-आधारित भीड़ नियंत्रण का इस्तेमाल किया गया। सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम थे, जिसमें हजारों पुलिसकर्मी, सीसीटीवी कैमरे और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं शामिल थीं। एक भगदड़ की की घटना ज़रूर हुई, लेकिन त्वरित कार्रवाई से स्थिति सँभाली गई।
परिवहन सुविधाओं में विशेष ट्रेनें, हेलीकॉप्टर सेवाएँ और बेहतर सड़कें शामिल थीं, जो श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा प्रदान करती रहीं। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महाकुंभ की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने प्रयागराज का कई बार दौरा किया, जिसमें दिसंबर 2024 से जनवरी 2025 तक साप्ताहिक समीक्षाएँ शामिल थीं। सरकार ने आवास, परिवहन और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया, जिसमें गंगा की सफाई और अस्थायी पुलों का निर्माण शामिल था। बेहतर प्रशासन के लिए प्रयागराज में एक नया जिला गठित किया गया।
योगी सरकार की सक्रियता से आयोजन न केवल सफल रहा, बल्कि यह भारत की प्रशासनिक क्षमता का उदाहरण बना। मुख्यमंत्री ने भी कहा कि कैसे तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी गई, जिससे वैश्विक स्तर पर सराहना मिली।
जीवंत होकर मूर्तरूप में आई भारतीय संस्कृति
महाकुंभ भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है, जहाँ विभिन्न जाति, धर्म और क्षेत्र के लोग गंगा स्नान के लिए एकत्र होते हैं। यह आयोजन हिंदू परंपराओं, जैसे अमृत की खोज की कथा, को जीवित रखता है और दुनिया को भारत की आध्यात्मिक गहराई दिखाता है। पीएम मोदी ने इसे ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का उदाहरण बताया, जो विविधता को ताकत बनाता है।
महाकुंभ न केवल धार्मिक है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है, जो भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करता है। यह आयोजन और पीएम का संबोधन भारत की प्रगति और सांस्कृतिक गौरव को रेखांकित करता है, जो आने वाले वर्षों में और मजबूत होगा।
