उत्तर प्रदेश की महिलाएँ अब उद्यमिता के क्षेत्र में बड़ी संख्या में आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना में अभी तक एक लाख से अधिक महिलाओं ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 21,350 महिलाओं को ऋण भी दिया जा चुका है। करीब 14,200 महिलाओं ने अपना कारोबार शुरू कर दिया है। बाकी महिलाएँ उद्यम स्थापित करने की तैयारी में जुटी हैं।
सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस योजना का लाभ दिया जाए।
बैंकों को निर्देश, 48 घंटे में आवेदन स्वीकृत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सूक्ष्म, लघ एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग ने ने योजना को लेकर 10 से अधिक बैंकों से समझौता किया है। आवेदन मिलने के 24 से 48 घंटे के भीतर ही उन्हें स्वीकृत कर बैंकों को भेजा जा रहा है। जिला स्तर पर उद्योग विभाग रोजाना रिपोर्ट ले रहा है। बैंकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ऋण वितरण में देरी न हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर इस योजना का शुभारंभ किया था। योजना के तहत युवाओं को बिना ब्याज और बिना गारंटी 5 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
अब तक सर्विस सेक्टर में सबसे ज्यादा उद्यम शुरू हुए हैं। आँकड़ों के मुताबिक, 63 प्रतिशत युवाओं ने सेवा क्षेत्र में कारोबार शुरू किया है। वहीं 37 प्रतिशत युवाओं ने मैन्युफैक्चरिंग और उत्पादन क्षेत्र में रुचि दिखाई है।
महिला सशक्तिकरण और योगी सरकार
विभाग की योजना है कि शैक्षणिक संस्थानों में कैंप लगाकर और अधिक युवाओं तक इस योजना की जानकारी पहुँचाई जाए। इसके लिए कॉलेज और विश्वविद्यालयों के संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह छात्राओं को भी उद्यमिता के लिए प्रेरित करें।
सरकार का मानना है कि इस योजना से महिलाएँ आर्थिक रूप से मजबूत होंगी और समाज में उनकी भागीदारी और बढ़ेगी।
महिला उद्यमियों की बढ़ती संख्या नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में बहुत तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है।




