उत्तर प्रदेश में सड़क निर्माण को लेकर बड़ा कदम उठाया जा रहा है। योगी सरकार के द्वारा उत्तर प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10 नई सड़कें बनाई जाएंगी। पीडब्ल्यूडी ने पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है। गुरुवार (21 अगस्त) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस प्रस्ताव पर मंजूरी दे सकते हैं। मानसून के बाद काम तेजी से शुरू होगा।
हर क्षेत्र को मिलेगा नया रोड नेटवर्क और छोटे पुल
हर विधानसभा क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये खर्च कर 10 नई सड़कें बनाई जाएंगी। इन सड़कों की लंबाई डेढ़ से दो किलोमीटर तक होगी। ग्रामीण सड़कों पर प्रति किमी लागत 50-55 लाख रुपये आती है। इस हिसाब से हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 18-20 किलोमीटर नई सड़कें बन सकेंगी।
पीडब्ल्यूडी ने योजना में पुल-पुलियों के काम को भी शामिल किया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 5 करोड़ की लागत से तीन माइनर ब्रिज बनाए जाएंगे। अगर बजट में संभव होगा तो पुलों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
बजट और खर्च का ब्योरा
चालू वित्त वर्ष में पीडब्ल्यूडी का बजट करीब 33,000 करोड़ रुपए है। इसमें से 40 प्रतिशत बजट पुराने चल रहे कामों पर और 60 प्रतिशत नए प्रोजेक्ट्स पर खर्च किया जाएगा। अनुमान के मुताबिक, हर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे और नए कामों को मिलाकर 50 से 55 करोड़ रुपये तक की लागत आएगी। बड़े काम, जिनकी लागत 5 करोड़ से अधिक होगी, उन्हें 18 से 24 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, छोटे काम इसी वित्त वर्ष में पूरे करने की योजना है।
45 हजार करोड़ तक के प्रस्ताव
प्रदेश स्तर पर नए प्रोजेक्ट्स पर लगभग 15,000 करोड़ रुपये खर्च करने का खाका तैयार है। नियम के अनुसार, तीन गुना राशि तक प्रस्ताव बनाए जा सकते हैं। इसी आधार पर पीडब्ल्यूडी ने लगभग 45,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं।
सड़कें बदलेंगी गांव और शहर का चेहरा
सरकार का मानना है कि इस योजना से प्रदेश में सड़क नेटवर्क मजबूत होगा। गांव से शहर तक लोगों की आवाजाही आसान बनेगी। समय की बचत होगी और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। यह योजना विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार का अहम कदम मानी जा रही है।




