उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिक और युवाओं के हित में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन दिवसीय ‘रोजगार महाकुंभ’ के शुभारंभ के मौके पर घोषणा की कि अब प्रदेश में काम करने वाले हर युवा को न्यूनतम वेतन मिलना सुनिश्चित होगा। इससे उत्तर प्रदेश न्यूनतम मजदूरी और वेतन की गारंटी देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में श्रमिकों या कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सरकार उठाएगी अतिरिक्त शुल्क का भार
सरकार ने यह व्यवस्था भी बनाई है कि नौकरी देने वाली कंपनियों द्वारा लिया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के अधिकारों की रक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चत करने के लिए राज्य सरकार एक नया ‘कॉरपोरेशन’ गठित करेगी। इससे कंपनियों और नियोक्ताओं को कोई भी गैर-कानूनी शुल्क वसूलने या शोषण का मौका नहीं मिलेगा।
रोजगार महाकुंभ में मिली बड़ी सौगात
रोजगार महाकुंभ के पहले ही दिन 1818 युवाओं को नौकरी के नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। आयोजन स्थल पर इंडिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्यमंत्री खुद युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते नजर आए।
आंकड़ों के अनुसार, पहले ही चरण में प्रशासनिक व अन्य विभागों में 468, कुशल/अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 900 और अन्य क्षेत्रों में 450 युवाओं को नौकरी मिली। वेतन 12,000 से 45,000 रुपये तक निर्धारित किया गया है।
नौकरियों के क्षेत्र और वेतन
| क्षेत्र | नियुक्ति | वेतन |
| प्रशासन व प्रासासनिक | 468 | ₹30,000 – ₹35,000 |
| कुशल–अकुशल श्रमिक | 900 | ₹12,000 – ₹17,000 |
| अन्य क्षेत्र | 450 | ₹30,000 – ₹45,000 |
श्रमिकों की सुरक्षा रहेगी सर्वोपरि
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी आईटी, औद्योगिक और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। श्रमिकों का भोजन, आवास, चिकित्सा एवं अन्य जरूरतों की संपूर्ण व्यवस्था सरकार की ओर से सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा, सरकार ने युवाओं को आधुनिक तकनीकी, भाषाई प्रशिक्षण और विदेशों में भी रोजगार के अवसर के लिए तैयार करना शुरू कर दिया है। टाटा टेक्नोलॉजी समेत कई प्रतिष्ठित कंपनियों से साझेदारी की गई है ताकि युवा वैश्विक मानकों के अनुसार प्रशिक्षित हो सकें।
उद्देश्य, पारदर्शिता और रोजगार सृजन
मुख्यमंत्री ने कहा, “हर युवा को रोजगार की गारंटी देना हमारा लक्ष्य है। कंपनियों और नियोक्ताओं की जिम्मेदारी तय होगी। किसी भी प्रकार का शोषण नहीं होगा।”
रोजगार महाकुंभ के अंतर्गत अगले कुछ महीनों में कुल 8.5 लाख युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्रों में नौकरियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
श्रम एवं सेवायोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी युवाओं को नौकरी का मौका मिलेगा। रोजगार महाकुंभ से पहले भी प्रदेश में पैराम्परागत उद्योगों के जरिये युवाओं को लाखों रोजगार दिलाए गए हैं।
सीएम योगी की ऐतिहासिक पहल
योगी सरकार की इस ऐतिहासिक पहल से उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं को रोजगार और आर्थिक सुरक्षा की नई राह मिलेगी। न्यूनतम वेतन की गारंटी से उनकी जिंदगी और आत्मविश्वास दोनों मजबूत होंगे। सरकार का लक्ष्य पारदर्शिता, सुरक्षा और सम्मानजनक रोजगार की ओर स्पष्ट नजर आता है।




