दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार (24 अगस्त) को एनेक्सी भवन में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान अनुपस्थित रहने वाले पांच अधिकारियों के खिलाफ मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने सख्त कदम उठाते हुए उनका एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया। इसमें सीएंडडीएस यूनिट 14, 19 और 42 के प्रोजेक्ट मैनेजर, यूपीआरएनएसएस के अधिशासी अभियंता और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य शामिल हैं।
सीएम ने कहा कि पूरे प्रदेश से माफियाराज खत्म किया जा चुका है। हालांकि, मेडिकल क्षेत्र में एम्बुलेंस माफिया और मरीजों को भर्ती कराने में बिचौलियों की शिकायतें आती रहती हैं। उन्होंने अधिकारियों को सतत कार्रवाई करने के निर्देश दिए ताकि मेडिकल क्षेत्र में कोई भी माफिया पनप न पाए।
हर परियोजना पर निगरानी और जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि हर विकास परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी बनाया जाए। नोडल अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और ठेकेदार की लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई हो। गोरखपुर में फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, खजांची बाजार, पादरी बाजार और गोरखनाथ क्षेत्र जैसी सभी बड़ी परियोजनाओं को समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया।
सीएम ने कहा कि विकास कार्यों से गोरखपुर की देश में सकारात्मक छवि बनी है। किसी भी परियोजना में व्यवधान नहीं आना चाहिए। जिलाधिकारी को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि वे सीधे नोडल अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट लें।
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस (जेई और एईएस) अब नियंत्रित हो चुका है, लेकिन सतत सावधानी जरूरी है। उन्होंने डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए लोगों में जागरूकता और स्वच्छता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। ये अभियान सभी नगर निकायों में चलाए जाएं।
स्मार्ट शहर और बच्चों की भलाई
गोरखपुर को बड़े स्मार्ट शहरों की तरह विकसित करने के लिए सुगम यातायात आवश्यक है। सीएम ने कहा कि शहर में कहीं जाम न लगे और सड़क पर ठेले-खोमचे न हों। इसके लिए स्ट्रीट वेंडर्स का व्यवस्थित पुनर्वास जरूरी है।
सीएम ने परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के लिए सरकार द्वारा भेजी गई धनराशि का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा। बच्चों को यूनिफॉर्म पहनकर ही स्कूल आने के निर्देश दिए ताकि अनुशासन और सकारात्मक माहौल बने।
साथ ही, उन्होंने बाल वाटिका और प्रोजेक्ट अलंकार के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बाल वाटिका के संचालन में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए और आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाए।
गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि जलजमाव रोकने के लिए काम में तेजी लाएं। अगर बारिश के कारण काम प्रभावित हो, तो वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए। अमृत योजना के तहत एसटीपी निर्माण में फर्म को अगले दस साल तक अनुरक्षण का जिम्मा लेना होगा। विकास कार्यों में पेड़ काटने की स्थिति में नए पौधे लगाने और ट्री गार्ड लगाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि
समीक्षा बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री एवं बांस गांव के सांसद कमलेश पासवान, गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, राजेश त्रिपाठी, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, सीपी चंद और प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




