कन्नौज जिले के गुरसहायगंज नगर में पुलिस ने धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से ईसाई धर्म के दो धार्मिक ग्रंथ भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक यह लोग गरीब और अनुसूचित जाति के परिवारों को पहले पैसों का लालच और फिर डर दिखाकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करते थे।
इस्माइलपुर में मकान से चल रही थी प्रार्थना सभा
यह पूरा मामला गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के इस्माइलपुर कस्बे का है। यहां मलिखान सिंह नामक व्यक्ति के मकान में ईसाई धर्म की कथित प्रार्थना सभाएं चल रही थीं। आरोप है कि इन सभाओं में गरीब और भोले-भाले लोगों को बुलाया जाता और फिर उन्हें धर्म बदलने के लिए फुसलाया जाता था। धर्म परिवर्तन न मानने वालों को डराया-धमकाया जाता था।
पीड़िता की शिकायत पर गिरी गाज
इस मामले का खुलासा गुरसहायगंज के गांधी नगर नट मोहल्ला निवासी विनोद नागर की पत्नी सबीना नागर की शिकायत पर हुआ। सबीना ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि मलिखान सिंह ने उसे फोन कर अपने घर बुलाया था। वहां 13-14 लोग प्रार्थना के नाम पर मौजूद थे। संबोधन के दौरान उन्हें बताया गया कि ईसाई धर्म अपनाने से बीमारियां दूर हो जाएंगी और आर्थिक मदद भी मिलेगी।
सबीना ने विरोध किया तो उसके साथ अभद्रता की गई। घबराई सबीना सीधे कोतवाली पहुंची और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
छापेमारी में मिले 14 लोग
शिकायत के बाद पुलिस टीम ने मलिखान सिंह के घर पर छापामार कार्रवाई की। वहां 10 महिलाएं और 4 पुरुष प्रार्थना में शामिल मिले। पूछताछ में चार लोगों ने स्वीकार किया कि वे धर्म परिवर्तन कराने का काम करते हैं। पुलिस ने चारों आरोपियों—गोदावरी (आंध्र प्रदेश) निवासी गौवड़ा प्रसाद, मलिखान सिंह की पत्नी ममता शाक्य, सौरिख निवासी धर्मेंद्र जाटव और गोरखपुर निवासी मंजू—को गिरफ्तार कर लिया।
सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज
पुलिस ने सभी आरोपियों पर धारा 3/5 (1) उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और धारा 352 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया। चारों को जेल भेज दिया गया है।
एसपी विनोद कुमार ने बताया कि इस गिरोह ने अभी कुछ दिनों पहले ही धर्म परिवर्तन की गतिविधियां शुरू की थीं। वे लोगों को बेहतर जीवन, बीमारी से छुटकारा और पैसों का लालच दिखाते थे। विरोध करने वालों को डराने और दबाव बनाने की भी कोशिश की जाती थी।
कुल मिलाकर, कन्नौज पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जबरन धर्म परिवर्तन का यह खेल बेनकाब हो गया। प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि गरीब और साधारण परिवारों को गुमराह होने से बचाया जा सके।




