Tuesday, March 3, 2026
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बरेली में धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश, मदरसे से हुआ बड़ा खुलासा, टारगेट पर दिव्यांग और पिछड़े वर्ग के हिंदू लड़के

एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि अब्दुल मजीद का नेटवर्क सिर्फ बरेली तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे देश में फैला है।

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उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से धर्मांतरण का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने फैज नगर इलाके में स्थित एक मदरसे पर छापा मारकर धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। यहां हिंदू युवकों को पहले ब्रेनवॉश किया जाता था और फिर उनका जबरन या झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराया जाता था। इस पूरे मामले की हकीकत सामने आने के बाद गांव में दहशत का माहौल है।

बहन बोली- ‘भाई ने किसी को मजबूर नहीं किया’

गिरफ्तार मुख्य आरोपी अब्दुल मजीद की बहन आयशा ने मीडिया से कहा कि उसका भाई किसी पर धर्म बदलने का दबाव नहीं डालता था। उसने दावा किया कि इस्लाम इतना सुंदर है कि लोग खुद अपनाते हैं। आयशा उसी मदरसे में रहती है जहां यह नेटवर्क चल रहा था। उसने बताया कि आठ दिन पहले उसके भाई के यहां बेटी पैदा हुई है और मां जेल में उससे मिलने गई हैं।

गांव वालों ने क्या कहा?

भास्कर की टीम जब फैज नगर पहुंची तो स्थानीय लोग खुलकर बोलने से बचते दिखे। मदरसे के सामने रहने वाली एक महिला ने कहा कि यहां सिर्फ मुस्लिम बच्चे पढ़ते थे, बाकी क्या हो रहा था इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। वहीं, गांव के एक बुजुर्ग ने बताया कि मजीद ने जयपुर के युवक पीयूष को फंसाने के लिए अपनी बहन से उसकी बातचीत शुरू करवाई। वॉट्सऐप पर फोटो और वीडियो भेजे गए और निकाह का झांसा दिया गया।

यही पीयूष बाद में मोहम्मद अली बन गया। उसका खतना कराया गया, नाम बदला गया और फिर आयशा से निकाह करवा दिया गया। इसके बाद मोहम्मद अली इस गैंग का हिस्सा बन गया और खुद हिंदू होकर मुसलमान बनने की कहानी सुनाकर बाकी लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने लगा।

पुलिस का खुलासा: देशभर में फैला नेटवर्क

एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि अब्दुल मजीद का नेटवर्क सिर्फ बरेली तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे देश में फैला है। पुलिस जांच में सामने आया कि मजीद ने 27 जिलों की यात्रा की थी और जगह-जगह से चंदा इकट्ठा करता था। उसके बैंक खातों से 13 लाख रुपये मिले हैं। कुल 21 बैंक खातों का पता चला है जिनमें बड़े पैमाने पर लेन-देन हुआ।

पुलिस को शक है कि इस गिरोह को विदेशी फंडिंग भी मिल रही थी। मजीद और उसके साथी वॉट्सऐप ग्रुप्स बनाकर जाकिर नाईक और पाकिस्तानी स्कॉलर्स के वीडियो और ऑडियो साझा करते थे।

कैसे फंसाए जाते थे लोग?

गैंग की रणनीति खासतौर पर कमजोर और गरीब परिवारों को निशाना बनाने की थी। तलाकशुदा या अकेले युवकों को मुस्लिम लड़कियों से शादी का लालच दिया जाता था। वॉट्सऐप पर सुंदर लड़कियों की तस्वीरें और वीडियो भेजे जाते थे।

पुलिस ने बताया कि अब तक पांच लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है जिसे पहले नशे का आदी बनाया गया। इसके अलावा बरेली के ब्रजपाल सिंह, उसकी मां ऊषा रानी और बहन राजकुमारी को भी मुसलमान बना दिया गया था। गैंग ने इनके नए नाम रखे और प्रमाणपत्र भी जारी किए।

विदेशी फंडिंग और चंदा इकट्ठा करने की जांच

शुरुआती जांच में सामने आया है कि अब्दुल मजीद और उसके साथियों के पास कई बैंक खाते थे। अकेले मजीद के खाते से 8 महीने में 2000 से ज्यादा ट्रांजैक्शन मिले। सलमान और उसकी पत्नी के पास भी 12 बैंक खाते पाए गए।

मुख्य आरोपी मजीद यूपी के अलावा गुजरात, कर्नाटक, पुडुचेरी, उत्तराखंड और दिल्ली-मुंबई तक चंदा इकट्ठा करने जाता था। पुलिस को उसके पास से 25-30 इस्लामिक किताबें भी मिलीं, जिनमें जाकिर नाईक की किताबें शामिल हैं।

अब तक की कार्रवाई

पुलिस ने अब्दुल मजीद के अलावा सलमान, आरिफ और फहीम को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। एसपी ने कहा कि अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं क्योंकि यह गिरोह काफी बड़ा है। पुलिस विभिन्न राज्यों से मिले फंडिंग के स्रोतों की भी जांच कर रही है। 

UP4India Desk
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