आगरा के थाना पिनाहट पुलिस ने क्षेत्र में लोगों को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है। महिला के पास से ईसाई धर्म से जुड़ी पुस्तकें और साहित्य बरामद किया गया है। आरोपी की पहचान संतोषी उर्फ मिंदर कौर पत्नी सुरेश निषाद, निवासी ग्राम उटसाना (मूल रूप से पंजाब की रहने वाली) के रूप में हुई है।
बीमार पत्नी के इलाज के नाम पर धर्म परिवर्तन का दबाव
कमल सिंह का पुरा निवासी बनारसी ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उसकी पत्नी तीन वर्ष से बीमार है। इलाज के लिए कई अस्पतालों में जाने के बावजूद उसे आराम नहीं मिला। इस दौरान उनकी पहचान संतोषी से हुई। उसने कहा कि ईसाई धर्म अपनाने से उसकी बीमारियां खत्म हो जाएंगी और जीवन सुखी हो जाएगा।
आरोप है कि इसका फायदा उठा कर महिला ने पूरे परिवार पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और इलाज में मदद की भी लालच दिया।
भजन कार्यक्रम में पहुंची और बांटी पुस्तकें
बनारसी ने बताया कि 23 अगस्त को उसके घर पर भजन कार्यक्रम चल रहा था। उसी समय संतोषी आकर ईसाई धर्म के भजन गाने लगी और लोगों में छोटी-छोटी पुस्तकें बांटने लगी। उसने कहा कि इन पुस्तकों का पाठ करने से जीवन खुशहाल हो जाएगा।
सूचना पर पिनाहट पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह ने भी पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की।
मिशनरी नेटवर्क से जुड़ाव की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला पहले भी ईसाई धर्म का प्रचार कर चुकी है और उसके नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है। डीसीपी पूर्वी जोन अली अब्बास ने बताया कि महिला के कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं। यह भी जांच की जा रही है कि उसे फंडिंग कहां से हो रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
मुकदमा दर्ज, महिला जेल भेजी गई
आरोपी महिला के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। ऐसे में ये भी जान लेते है कि उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम क्या कहता है।
क्या है उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम?
उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम का उद्देश्य धर्म परिवर्तन को जबरन या प्रलोभन देकर करवाने से रोकना है। इस कानून के तहत किसी व्यक्ति को अपने धर्म से बदलने के लिए दबाव, फरेबी तरीकों, या प्रलोभन का प्रयोग करना गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। यह अधिनियम राज्य में सामाजिक समरसता बनाए रखने और धर्म के नाम पर होने वाली गलत गतिविधियों को रोकने के लिए बनाया गया है। इस कानून के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को जेल की सजा भी हो सकती है। इस घटना में गिरफ्तार महिला के खिलाफ भी इसी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।




