महिलाओं के उद्यमिता जगत में एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है। पिछले साल सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु महिलाओं का योगदान उल्लेखनीय रहा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में 600 से अधिक महिलाओं ने विभिन्न व्यवसायों की शुरुआत की, जिन पर 29 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें से 150 से अधिक उद्यमियों ने खुद की पहचान बनाई है।
योजना के तहत अब तक 139 महिला उद्यमियों ने 13.76 करोड़ रुपये का व्यवसाय स्थापित किया है, साथ ही 130 महिला उद्यमियों ने 13.89 करोड़ रुपये के निवेश के साथ अपना उद्यम स्थापित किया है।
योगी सरकार द्वारा प्रत्येक महिला को पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी गई है, ताकि वे अपने कारोबार की मजबूत नींव रख सकें।
घरेलू जिम्मेदारियों के बीच छू रही सफलता की ऊंचाइयां
हर हाल में महिलाओं ने घर के कामकाज के साथ-साथ उद्यमिता की राह चुनी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। इनमें सिलाई, बुटीक, किराना, खाद्य प्रसंस्करण जैसे छोटे व्यवसाय प्रमुख हैं। नगर क्षेत्र के अलावा ग्रामीण अंचल की महिलाएं भी अब तकनीकी प्रशिक्षण पाकर नए स्टार्टअप शुरू कर रही हैं। सरकार की विविध योजनाओं जैसे सीएम युवा उद्यमी योजना, ओडीओपी फूड सप्लाई योजना व स्वरोजगार योजना के अंतर्गत तीन वर्षों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।
शिक्षा के बाद शुरू की उद्यमिता
शिक्षित युवतियां पढ़ाई के बाद व्यवसाय को नया विकल्प मान रही हैं। कपड़ा निर्माण, हस्तशिल्प, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में युवतियां आगे आ रही हैं।
रिया सक्सेना, बताती हैं कि कक्षा 12 के बाद ही उन्होंने ब्यूटी पार्लर और निर्माण कार्य शुरू कर दिया। दो साल पहले पीएमयूवीए योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का कर्ज लिया।
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक पिछले बरस 3000 से अधिक महिलाओं ने प्रशिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त किया और 150 से अधिक महिलाओं ने अपना व्यवसाय पंजीकृत कराया है। अब वे दूसरे लोगों की भी प्रेरणा बन रही हैं।
आधुनिक तकनीक से टीशर्ट प्रिंटिंग व्यवसाय
गोमतीनगर क्षेत्र की महिलाएं टीशर्ट प्रिंटिंग व्यवसाय की ओर भी आकर्षित हो रही हैं। नए स्टार्टअप के तहत ऑनलाइन ऑर्डर व सोशल मीडिया के माध्यम से वे अपने उत्पाद बाजार में भेज रही हैं।
स्थानीय प्रतियोगिता के बावजूद इन स्टार्टअप्स को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में महिला उद्यमिता का दायरा और भी बढ़ेगा। जिससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाई मिलेगी।
योजनाओं के तहत महिलाओं की बढ़ती संख्या
राज्य योजना के अनुसार, सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 210 और 2025-26 में 390 महिला उद्यमियों ने स्टार्टअप की शुरुआत की। इसी तरह ओडीओपी फूड सप्लाई योजना में क्रमशः 24 और 81 महिलाओं ने भाग लिया, जबकि स्वरोजगार योजना के तहत 61 व 12 महिलाओं ने सफलता प्राप्त की है। अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं के लिए नई योजनाएं जल्द लाने की तैयारी चल रही है, जिससे महिला उद्यमिता को और प्रोत्साहन मिलेगा।
क्या है सीएम युवा उद्यमी योजना?
सीएम युवा उद्यमी योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत 21 से 40 वर्ष के बीच के शिक्षित और कौशल प्रशिक्षित युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जाता है, जिससे वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके साथ ही, इस योजना में मार्जिन मनी सब्सिडी और तीन से चार वर्षों तक ब्याज में छूट भी मिलती है।
परियोजना की लागत का कुछ प्रतिशत युवाओं को स्वयं जमा करना होता है, लेकिन इसमें गरीब और पिछड़े वर्ग को छूट भी प्रदान की जाती है। इस योजना से युवाओं को रोजगार का अवसर मिलता है और वह आत्मनिर्भर बनते हैं, जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार आता है। योजना में प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और तकनीकी मदद भी शामिल है, जो उद्यमियों को सफलता की ओर ले जाती है। सरकार का लक्ष्य आगामी दस वर्षों में दस लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का है।




