आगरा पुलिस ने धर्मांतरण के बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी लंबे समय से लोगों को विभिन्न तरीकों से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा था। साथ ही, उसके साथ कई समर्थक भी आर्थिक लाभ के लिए इस गतिविधि में संलिप्त पाए गए।
गूगल मीट और यूट्यूब के जरिए प्रचार
राजकुमार और उसके साथियों की गतिविधियों का संचालन तकनीकी माध्यमों से किया जा रहा था। गूगल मीट लिंक शेयर करके प्रार्थना सभाएं करवाई जाती थीं, जिसमें न सिर्फ आगरा और आसपास के लोग जुड़ते थे, बल्कि स्पेन और दुबई से भी लोग शामिल होते थे। इतना ही नहीं, उसने “चर्च ऑफ गॉड” नाम से एक यूट्यूब चैनल बनाया था, जहाँ हर रविवार को आयोजित कार्यक्रमों की वीडियो डाली जाती थी।
गरीब वर्ग को साधने की कोशिश
आरोपी लोगों को समझाते थे कि उनकी सभा में आने से कष्ट दूर हो जाएंगे और ईश्वर का आशीर्वाद मिलेगा। खासकर गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को टारगेट करके कहा जाता था कि यदि वे नियमित आते हैं तो उन्हें जीवन में विशेष लाभ होगा। सभा में शामिल होने के बाद अनुयायियों को हिंदू परंपराओं से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया जाता था और खाने में मांसाहारी भोजन परोसा जाता था।
चमत्कार और झाड़-फूंक के जरिए विश्वास जमाना
राजकुमार अपने साथियों की मदद से झाड़-फूंक जैसी गतिविधियां करता था, जिससे लोग विश्वास करने लगते थे कि यीशु का स्मरण करने से उनकी बीमारियां दूर हो जाएंगी। कई बार इलाज के नाम पर लोगों से पाँच से दस हजार रुपये तक वसूले जाते थे। साथ ही दावा किया जाता था कि ईसाई धर्म अपनाने से परिवार की परेशानियाँ स्वतः समाप्त हो जाएंगी।
बरामद सामग्री और तकनीकी सबूत
पुलिस ने छापेमारी कर आरोपियों से बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की। इसमें 15 बाइबल, तीन ईसाई गीतों की किताबें, चार डायरी, आठ कॉपियां और रजिस्टर, छह मोबाइल फोन, दो लग्जरी कारें और 13,165 रुपये नकद शामिल हैं। जब्त डायरी और रजिस्टर में कई लोगों के नाम और मोबाइल नंबर भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
आरोपी राजकुमार का नेटवर्क
आरोपी राजकुमार की मदद करने वालों में अनूप कुमार (पंचशील कॉलोनी, दौरेठा), जयकुमार (राधे हाइट्स, शास्त्रीपुरम), अरुण कुमार (बारह खंबा, सराय ख्वाजा), कमल कुंडलानी (राहुल ग्रीन, दयालबाग) और तीन महिला साथी शामिल थीं। ये सभी अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों से संपर्क बनाते थे और सभा में शामिल होने के लिए प्रेरित करते थे।
आरोपियों की गिरफ्तारी और खुलासे
फिलहाल गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपी इस प्रकार हैं:
- राजकुमार लालवानी, निवासी केदार नगर, शाहगंज।
- अनूप कुमार, निवासी पंचशील कॉलोनी, दौरेठा, शाहगंज।
- कमल कुंडलानी, निवासी राहुल ग्रीन, दयालबाग।
- जयकुमार, निवासी राधे हाइट्स, सिकंदरा।
- अरुण, निवासी बारह खंबा, थाना शाहगंज।
- इसके साथ ही तीन महिलाओं की भी गिरफ्तारी की गई है।
महाराष्ट्र से आगरा तक की कहानी
राजकुमार की कहानी चार साल पहले महाराष्ट्र के उल्लहास नगर से शुरू हुई। वहीं पर उसने ईसाई धर्म अपनाया और फिर आगरा लौटकर लोगों को धर्म परिवर्तन कराने में जुट गया। वह दावा करता था कि बाइबल पढ़ने और यीशु का अनुसरण करने से न सिर्फ बीमारियां ठीक हो सकती हैं बल्कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और नौकरी भी मिल सकती है। इन वादों के कारण कई लोग उसके झांसे में आ जाते थे।
अंतरराष्ट्रीय फंडिंग पर संदेह
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। पुलिस टीम अन्य संदिग्धों को भी चिह्नित कर रही है। जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि पाकिस्तान, कनाडा और अमेरिका से इस नेटवर्क को फंडिंग मिल रही थी। इसलिए कई और लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
धर्मांतरण के इस मामले ने आगरा पुलिस को बड़ी चुनौती दी है। तकनीकी माध्यमों का प्रयोग कर और आर्थिक लालच देकर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने की कोशिश हो रही थी। हालांकि पुलिस की कार्रवाई से इस नेटवर्क का बड़ा हिस्सा उजागर हो चुका है और आगे की जांच में और भी नाम सामने आने की संभावना है।




