उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक दलित युवक की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। यह घटना सराय अकिल थाना क्षेत्र के फकीराबाद चौराहे पर हुई। यहां एक छोटी सी गलती पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सद्दाम हुसैन और उसके साथियों ने दलित युवकों को बुरी तरह पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। सद्दाम को पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस ने मौके से अवैध हथियार और गाड़ी बरामद की है।
घटना की शुरुआत और पिटाई का वीडियो
यह सब गुरुवार (4 सितंबर) दोपहर को शुरू हुआ। खरसेन का पुरवा गांव के रहने वाले छोटू पासी अपने भाई और साले के साथ किराना दुकान पर सामान खरीदने गए थे। वहां किशनपुर अंबारी गांव के मोईन अहमद से उनका शरीर थोड़ा सा छू गया। इस छोटी बात पर विवाद हो गया। मोईन ने अपने बेटे सद्दाम हुसैन को फोन कर बुलाया, जो ग्राम प्रधान का प्रतिनिधि है। सद्दाम अपने साथियों के साथ आया और बीच सड़क पर छोटू और उसके परिजनों को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, फिर हालत खराब होने पर प्रयागराज रेफर कर दिया गया।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि आरोपी तालिबानी तरीके से सजा दे रहे हैं। राहगीरों में दहशत फैल गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से पुलिस में हड़कंप मच गया। पीड़ित परिवार ने तहरीर दी, जिसके बाद सराय अकिल थाने में सद्दाम सहित 10 लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीम बनाई और आरोपियों की तलाश शुरू की।
पुलिस मुठभेड़ और गिरफ्तारी
शुक्रवार (5 सितंबर) देर रात करीब 12:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि सद्दाम इमली गांव के पास छिपा है। टीम ने उसे घेर लिया। सद्दाम ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में सद्दाम के पैर में गोली लगी। उसे तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मौके से एक अवैध तमंचा, तीन कारतूस, दो खोखे और एक लग्जरी गाड़ी बरामद की। डीएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए। उनकी तलाश के लिए कई टीमें लगी हैं। सद्दाम का इलाज चल रहा है और पूछताछ जारी है।
यह घटना दिखाती है कि कैसे कुछ जगहों पर जान बूझ कर हिंदू दलितों पर मुसलमानों का अत्याचार होते आ रहा है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलते ही कार्रवाई की गई। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए सख्ती बरती जा रही है। मुस्लिम बहुल और धनी मानी मुस्लिम इलाकों में हिंदू दलित लोगों पर उत्तर प्रदेश में ऐसे अत्याचार होते आ रहे है लेकिन योगी आदित्यनाथ की सरकार में ऐसे अपराधों पर पुलिस त्वरित करवाई कर रही है।




