जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सोमवार (8 सितंबर) सुबह आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान सेना ने एक आतंकी को मार गिराया है। मुठभेड़ गुड्डर के घने जंगलों में हुई, जिसे सेना ने ऑपरेशन गुड्डर नाम दिया है। इस दौरान गोलीबारी में एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) समेत दो जवान घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जंगलों में चला सर्च ऑपरेशन
पुलिस, सेना की 9 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम को इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। इसके बाद बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। तलाशी के दौरान आतंकियों ने अचानक फायरिंग खोल दी, जिसका जवाब जवानों ने भी दिया। बताया जा रहा है कि जंगलों में लश्कर-ए-तैयबा के दो से ज्यादा आतंकी छिपे हुए हैं। दोनों ओर से गोलीबारी अभी भी जारी है और अतिरिक्त सैनिकों को मौके पर भेजा गया है।
आरएस पुरा में पकड़ा गया पाकिस्तानी घुसपैठिया
उधर, जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में रविवार रात बीएसएफ ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया। पकड़े गए युवक का नाम सिराज खान है, जो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का रहने वाला है। बीएसएफ की ऑक्ट्रोई चौकी पर रात 9.20 बजे उसकी गतिविधियों पर जवानों की नजर गई। कुछ राउंड फायरिंग के बाद उसे बॉर्डर फेंसिंग के पास दबोच लिया गया। उसके पास से पाकिस्तानी करंसी भी बरामद हुई है। सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं ताकि घुसपैठ के मकसद का पता लगाया जा सके।

अगस्त में भी हुए बड़े ऑपरेशन
पिछले महीने भी जम्मू-कश्मीर में सेना ने कई सफल ऑपरेशन किए। 26 अगस्त को गुरेज सेक्टर में मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए थे। इनमें एक की पहचान बागू खान के रूप में हुई, जिसे सुरक्षा एजेंसियां ‘ह्यूमन जीपीएस’ कहती थीं। बताया गया कि वह 1995 से अब तक 100 से ज्यादा घुसपैठ की कोशिशों में शामिल रहा और सभी रास्तों का जानकार था।
इसके अलावा, 1 से 12 अगस्त तक कुलगाम जिले में चला ऑपरेशन अखल भी चर्चा में रहा। करीब 12 दिन तक चले अभियान में लश्कर का आतंकी हारिस डार मारा गया था, जो पुलवामा का रहने वाला था।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार हो रहे ऑपरेशनों से आतंकियों की कमर टूट रही है। वहीं, बॉर्डर पर भी सतर्कता के कारण घुसपैठ की कोशिशें नाकाम हो रही हैं।




