आज (11 सितंबर) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मॉरिशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम का औपचारिक स्वागत किया। मोदी ने कहा कि भारत और मॉरिशस सिर्फ साझेदार नहीं, बल्कि एक परिवार जैसे हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक रिश्ते बहुत गहरे हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी पीएम रामगुलाम का स्वागत किया।
यह दूसरी बार है जब डॉ. रामगुलाम वाराणसी आए हैं। वहीं, पीएम मोदी का यह 52वां वाराणसी दौरा है।
विकास और साझेदारी पर बातचीत
दोनों प्रधानमंत्रियों ने लंबी बैठक की। इसमें विकास साझेदारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान, ऊर्जा, इन्फ़्रास्ट्रस्क्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल पब्लिक सिस्टम और ब्लू इकोनॉमी जैसे मुद्दों पर बात हुई। कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए ताकि दोनों देशों का सहयोग और मजबूत हो।
मोदी का रोड शो
पीएम मोदी पुलिस लाइन से 3 किमी का रोड शो करते हुए होटल ताज पहुंचे। हजारों लोग सड़क किनारे खड़े होकर मोदी का स्वागत कर रहे थे। फूल बरसाए गए और शंखनाद हुआ। भीड़ का जोश देखकर मोदी ने अपनी गाड़ी को लोगों के और पास ले जाने को कहा।
डॉ. रामगुलाम ने कहा कि भारत हमेशा मॉरिशस के विकास की यात्रा में साथ रहा है। उन्होंने कहा कि वाराणसी में जो स्वागत मिला, वह आश्चर्यजनक और खास था। उन्होंने कहा कि शायद ही किसी और प्रधानमंत्री को इतना भव्य स्वागत मिला हो।
विशेष आर्थिक पैकेज
पीएम मोदी ने मॉरिशस के लिए खास आर्थिक पैकेज का ऐलान किया। यह पैकेज स्वास्थ्य सेवा, इन्फ़्रास्ट्रस्क्चर और रोजगार पर केंद्रित है। इसमें 500 बिस्तरों वाला नया अस्पताल, आयुष केंद्र, पशु चिकित्सा संस्थान और हेलीकॉप्टर शामिल हैं। इन परियोजनाओं पर करीब 440 मिलियन डॉलर खर्च होंगे। यह खर्च ग्रांट और लाइन-ऑफ-क्रेडिट पर आधारित होगा।
भारत और मॉरिशस स्थानीय मुद्रा में व्यापार करने पर बातचीत कर रहे हैं। इससे आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे। मोदी ने कहा कि भारत मॉरिशस की आर्थिक और समुद्री सुरक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित है। दोनों देशों ने समुद्री क्षेत्र में मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
गंगा आरती और काशी यात्रा
डॉ. रामगुलाम और उनकी पत्नी ने वाराणसी में गंगा आरती में हिस्सा लिया। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर जाने की भी योजना बनाई। इस कार्यक्रम ने भारत और मॉरिशस के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक रिश्तों को और गहरा किया।
रणनीतिक साझेदारी और आगे का रिश्ता
इस मुलाकात से भारत और मॉरिशस की साझेदारी और मजबूत हुई। यह भारत की “नेबरहुड फर्स्ट” नीति और महासागर विजन के लिए अहम मानी जा रही है। दोनों नेताओं की बातचीत ने आपसी दोस्ती और सहयोग को नई दिशा दी है।




