संभल में एटीएस यूनिट स्थापित करने का फैसला यूपी सरकार ने लिया है। यह कदम स्थानीय पुलिस की गोपनीय रिपोर्ट के बाद सामने आया, जिसमें 20 से अधिक लोगों के आतंकी संगठनों से जुड़ाव के सबूत मिले थे। अब जामा मस्जिद के सामने सत्यव्रत चौकी में इसका ऑफिस खोला जाएगा।
संभल में एटीएस यूनिट की शुरुआत
यूपी पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक यहां कई लोग पहले से आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इसमें अलकायदा, हिजबुल मुजाहिद्दीन, ISIS और सिमी जैसे संगठनों से कनेक्शन सामने आए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कुछ आरोपी जेलों में हैं, कुछ मारे जा चुके हैं, जबकि कुछ सजा पूरी करने के बाद सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। सरकार ने इन तथ्यों को देखते हुए एटीएस की फील्ड यूनिट खोलने का निर्णय लिया है।
जामा मस्जिद के सामने होगा ऑफिस
आईजी एटीएस प्रेम गौतम के लेटर के बाद प्रशासन ने जामा मस्जिद के सामने तीन मंजिला सत्यव्रत पुलिस चौकी में यूनिट स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बिल्डिंग में आधुनिक सुविधाएं हैं और यहां पहले से रेडियो ऑपरेटिंग सिस्टम लगा है। इलाके में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग रहते हैं, ऐसे में पुलिस चौकी सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी।
पुराने आतंकी कनेक्शन और गिरफ्तारियां
संभल के कई युवकों का नाम समय-समय पर आतंकवाद से जुड़ा है। मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू अलकायदा का प्रमुख रह चुका था और 2019 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया। इसके अलावा 2015 में मोहम्मद आसिफ व जफर मसूद जैसे स्थानीय लोग अलकायदा से जुड़े मामलों में पकड़े गए। हाल ही में दो युवकों की गिरफ्तारी हुई थी, जिन पर ISIS से लिंक के आरोप लगे। कुछ संदिग्ध पाकिस्तान और अफगानिस्तान तक के नेटवर्क में सक्रिय रहे, जबकि कई अब जेल में बंद हैं।
लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि एटीएस यूनिट का आना पॉजिटिव कदम है। डॉक्टर रशीक अनवर जैसे नागरिकों ने कहा कि अगर कोई युवा भटका हुआ है तो शायद सुधार हो सके। उनका मानना है कि सिर्फ संभल ही नहीं, बल्कि बाकी शहरों में भी एटीएस यूनिट स्थापित होनी चाहिए। कुछ युवक पहले भटक गए थे, लेकिन अब हालात सामान्य बताए जाते हैं।




