प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2025 को मध्य प्रदेश के धार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ और आठवें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। यह अभियान 2 अक्टूबर, 2025 तक चलेगा और महिलाओं एवं बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य पर केंद्रित है। इसके तहत देश में सबसे बड़े स्तर पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन होगा, जिसमें महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, और जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रमों की शुरुआत की।
आंगनबाड़ी बहनों को स्मार्टफोन व मानदेय वृद्धि
सीएम योगी ने आंगनबाड़ी बहनों के लिए बड़ा तोहफा दिया। उन्हीने घोषणा की कि उन्हें स्मार्टफोन वितरित किए जाएंगे और उनके मानदेय में वृद्धि की जाएगी। उनका मानना है कि आंगनबाड़ी बहनों को सम्मान देना जरूरी है ताकि वे और अधिक आत्मनिर्भर बन सकें। इसके अलावा, उनकी ट्रेनिंग और समय पर भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम महिलाओं की सेवा को प्रोत्साहित करने और उनके काम की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत
यूपी में 75 जनपदों में 20,324 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की व्यापक जांच होगी, जिसमें रक्त जांच, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ओरल कैंसर, स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, एनीमिया और टीबी की निशुल्क जांच शामिल है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं के प्रसवपूर्व देखभाल, बच्चों के टीकाकरण और जागरूकता पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश में 507 रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवाओं को सक्रिय रूप से इस अभियान में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
नारी सशक्तीकरण की योजनाएं
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी सशक्तीकरण के कई कदमों का जिक्र किया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला, और नारी शक्ति वंदन जैसे अभियान महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रभावी साबित हुए हैं। पिछले आठ वर्षों में यूपी सरकार ने बेटी की निशुल्क शिक्षा सुनिश्चित की है और कन्या सुमंगला योजना के तहत 25,000 रुपये का पैकेज तथा सामूहिक विवाह योजना में 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। अब तक 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्र और 10 लाख महिला स्वयं-सहायता समूहों के जरिए 1 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा चुका है।
पोषण मिशन और महिला रोजगार
अभियान के तहत पोषण मिशन भी चलाया जा रहा है, जिसमें 3-6 साल के बच्चों के लिए विशेष पोषण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। साथ ही, थ्रि प्लांट्स के माध्यम से 60,000 महिलाओं को मासिक 8,000 रुपये तक की आमदनी मिल रही है। नेफेड के सहयोग से यह आय बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि उनका स्वास्थ्य भी सुधारेगी।




