यूपी सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण रोकने और उन्हें सुरक्षित भविष्य देने के लिए आउटसोर्स सेवा निगम के गठन की घोषणा की है। प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन अमित घोष ने बताया कि शासनादेश जारी हो चुका है और अगले दो महीनों में निगम से भर्तियां शुरू हो जाएंगी। इस निर्णय से लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
निगम के तहत होने वाली भर्तियों में एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक और महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलेगा। कर्मचारियों को मानदेय के साथ मातृत्व अवकाश, चिकित्सीय अवकाश, स्वास्थ्य सेवाएं, ईपीएफ जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। किसी भी अनियमितता की स्थिति में कार्मिक की सेवा तुरंत समाप्त की जाएगी।
निगम की संरचना
सेवा निगम के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे, जबकि सचिव की जिम्मेदारी महानिदेशक के पास होगी। इसके अलावा सचिवालय प्रशासन, वित्त, कार्मिक, न्याय और श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी निदेशक मंडल में शामिल होंगे। निगम में महानिदेशक, कार्यकारी निदेशक, जीएम, मैनेजर ऑपरेशन व एचआर, वित्त नियंत्रक, कंपनी सचिव, सीनियर अकाउंटेंट से लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटर तक विभिन्न पद होंगे।
निगम की संरचना में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, सलाहकार कमेटी, निगम मुख्यालय और मंडल, जिला व स्थानीय स्तर की निगरानी समितियां शामिल होंगी।
वेतन श्रेणियां और योग्यताएं
यूपी सरकार ने कर्मचारियों के लिए चार वेतन श्रेणियां तय की हैं—
- श्रेणी-1 (₹40,000/माह): डॉक्टर, अभियंता (एई/एसडीओ), लेक्चरर, प्रोजेक्ट ऑफिसर, एकाउंट ऑफिसर, असिस्टेंट आर्किटेक्ट और रिसर्च ऑफिसर। (योग्यता: एमबीबीएस, बी-टेक, परास्नातक, सीए/एमकॉम, बी.आर्क आदि)
- श्रेणी-2 (₹25,000/माह): जूनियर इंजीनियर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, ट्रांसलेटर, टीजीटी, लीगल असिस्टेंट, ड्राफ्टमैन, एक्स-रे टेक्नीशियन आदि। (योग्यता: स्नातक/परास्नातक, डिप्लोमा, बीएड, एलएलबी)
- श्रेणी-3 (₹22,000/माह): जूनियर असिस्टेंट, टाइपिस्ट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, लाइब्रेरियन, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, लैब असिस्टेंट, पैरामेडिकल स्टाफ, ड्राइवर आदि। (योग्यता: इंटरमीडिएट/स्नातक व कंप्यूटर प्रमाणपत्र)
- श्रेणी-4 (₹20,000/माह): कार्यालय सहायक, अर्दली, चौकीदार, माली, कुक, धाबी, मोची, राजमिस्त्री, फायरमैन, पंप ऑपरेटर, नाविक आदि। (योग्यता: न्यूनतम 8वीं या 10वीं पास)
योगी सरकार का यह कदम राज्य में हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगा और उन्हें तयशुदा मानदेय और सुरक्षित भविष्य देगा। नई व्यवस्था से आउटसोर्स कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा के साथ-साथ सम्मानजनक कार्य का अवसर मिलेगा।




