आज (25 सितम्बर 2025) को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद स्थित विश्वप्रसिद्ध वृंदावन नगरी का आध्यात्मिक दौरा किया। उनका यह दौरा धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, जिसमें उन्होंने विभिन्न पौराणिक स्थलों का दर्शन और पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति के आगमन पर स्थानीय प्रशासन ने भव्य स्वागत और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की थी, जिससे महामहिम को पूरे प्रोटोकॉल के साथ स्वागत किया जाए।
बांके बिहारी मंदिर में दर्शन
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने परिवार संग सुबह 10 बजे वृंदावन रोड रेलवे स्टेशन पर उतरीं, जहां पारंपरिक शहनाई और मंत्रोचारण के साथ उनका अद्भुत स्वागत हुआ। स्वागत कार्यक्रम के बाद वे विशेष गोल्फकार्ट से बांके बिहारी मंदिर पहुँचीं। मंदिर के मुख्य सेवायतों द्वारा उन्हें गर्भगृह तक ले जाया गया, जहाँ उन्होंने अपने परिवार, बेटी, दामाद व बच्चों के साथ मिलकर लगभग 30 मिनट तक विधिवत पूजन किया। इस पूजा के दौरान विशेष रूप से इत्र और गिर गाय के घी से दीपदान किया गया, जिसने वातावरण को आध्यात्मिकता से भर दिया।
निधिवनराज में 500 मीटर परिक्रमा
बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के उपरांत राष्ट्रपति का अगला पड़ाव निधिवनराज मंदिर रहा। वृंदावन की आध्यात्मिक भूमि मानी जाने वाली इस जगह पर उन्होंने भक्तिभाव से 500 मीटर की परिक्रमा लगाई और लगभग आधा घंटा मंदिर परिसर में व्यतीत किया। उनकी इस यात्रा ने देशवासियों के समक्ष गहन आस्था और समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया। ये दौरा और उनका मंदिरों में पूजा करना ये दर्शाता है कि मंदिरों में भेद भाव की अफवाहें ग़लत होती है।
अन्य मंदिरों में श्रद्धा
निधिवनराज के दर्शन के बाद राष्ट्रपति ने बंशी चोर राधा रानी मंदिर व हरिदास जी के मंदिर का भी भ्रमण किया। हरिदास जी के मंदिर में उन्होंने श्रृंगार भेंट अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इन सभी धार्मिक स्थलों का भ्रमण उनकी बहुआयामी आध्यात्मिक दृष्टि को उजागर करता है।
सामाजिक सरोकार और विशेष पहल
राष्ट्रपति की इस यात्रा का एक भावुक पहलू रहा, वृंदावन धाम में रहते हुए उन्होंने अपनी माता की स्मृति में कल्पवृक्ष का पौधा लगाया। यह पर्यावरण के प्रति उनका संवेदनशील दृष्टिकोण व मातृ सम्मान का प्रतीक है। इसके साथ ही, राष्ट्रपति ने भजनकुटी का भी लोकार्पण किया, जिससे वृंदावन के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में एक नई जान आ गई।
सुरक्षा व्यवस्था
पूरे दौरे के दौरान पीएसी, एलआईयू, स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल ने राष्ट्रपति की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई। सभी धार्मिक स्थलों पर चाक-चौबंद प्रबंध किए गए थे ताकि राष्ट्रपति की यात्रा निर्विघ्न सम्पन्न हो सके।
राष्ट्रपति मुर्मू की उत्तर प्रदेश की यह आध्यात्मिक-धार्मिक यात्रा, स्थानीय संस्कृति, परंपरा, पर्यावरण सरोकार और आस्था का अद्भुत संगम रही। आज प्रधानमंत्री भी उत्तरप्रदेश के ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल ट्रेड शो के इनॉग्रेशन के लिए उत्तर प्रदेश पहुचे थे।




