गोरखपुर के एक छात्र की हत्या और गाय तस्करी रैकेट में शामिल ख़ूँख़ार अपराधी जुबै़र उर्फ ‘कालिया’ (26) को गुरुवार (25 सितंबर) देर रात रामपुर में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना गंज थाना क्षेत्र के चौखंडी के पास हुई, जब पुलिस टीम उसका पीछा कर रही थी। इसी दौरान जुबै़र ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और बाद में जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मुठभेड़ में उपनिरीक्षक राहुल जादौन और सिपाही संदीप कुमार भी घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है। सिटी क्षेत्राधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और कानून-व्यवस्था की स्थिति संभाली।
आपराधिक पृष्ठभूमि और इनाम
रामपुर के घे़र मर्दान खां निवासी फिरासत उर्फ नौरंगी का बेटा जुबै़र ₹1 लाख के इनामी बदमाश था। उसके खिलाफ रामपुर, गोंडा, बलरामपुर और गोरखपुर जिलों में कम से कम 18 मुकदमे दर्ज थे। इनमें गोवध, गाय तस्करी, चोरी, डकैती, ठगी, शस्त्र अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के गंभीर मामले शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जुबै़र 17 वर्ष की उम्र से ही पशु क्रूरता और अवैध गाय कारोबार में शामिल था। उसके खिलाफ पहला केस 2017 में दर्ज हुआ था, जब वह महज 18 साल का था। वह लंबे समय से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग ठिकानों पर छिपता रहा। पुलिस ने बताया कि उसके तीन भाई – उवैद, ज़ैद और सलीब – भी हिस्ट्रीशीटर हैं।
गोरखपुर छात्र की हत्या से जुड़ा मामला
16 सितंबर को गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र में 19 वर्षीय नीट परीक्षार्थी दीपक गुप्ता की मवेशी तस्करों ने अगवा कर पिटाई के बाद हत्या कर दी थी, जब ग्रामीणों ने गिरोह को पकड़ने की कोशिश की। जांच में जुबै़र का नाम सामने आया, जिसके बाद उसकी तलाश तेज हो गई। इस मामले में अजब हुसैन, छोटू, राजू और रहीम को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
डीआईजी शिवासिम्पी चनप्पा और एसटीएफ की टीम ने कई जिलों में संयुक्त अभियान चलाकर उसे ढूंढने की कोशिश की। अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी या इस मामले में उसकी मौत, पूर्वी उत्तर प्रदेश में सक्रिय बड़े मवेशी तस्करी नेटवर्क पर करारा प्रहार है।
संगठित अपराध पर कार्रवाई
पुलिस ने पुष्टि की है कि जुबै़र की संपत्ति और अवैध कमाई की जांच की जाएगी। अधिकारियों को संदेह है कि उसका गिरोह मवेशी तस्करी नेटवर्क को लॉजिस्टिक सपोर्ट देता था, जिसके चलते दीपक की हत्या हुई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह मुठभेड़ इस क्षेत्र में कहर बरपा रहे मवेशी तस्करों की चेन को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई है।”




