बरेली में बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर रजा खान इस समय जेल में है। इसी बीच जिला प्रशासन और पुलिस ने उसके करीबी आईएमसी के पूर्व प्रवक्ता डॉ. नफीस और पूर्व जिला अध्यक्ष नदीम खां पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार (29 सितंबर) को नगर निगम ने नावल्टी चौराहे पर स्थित डॉ. नफीस की मार्केट सील कर दी। बवाल से पहले नफीस ने पुलिसकर्मियों के हाथ काटने और वर्दी उतरवाने जैसी धमकी दी थी। नावल्टी चौराहे पर पहलवान साहब की मजार के पास स्थित यह मार्केट पहले से ही विवादों में है। नाले पर बनी होने के कारण यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिस पर स्टे लगा हुआ है।
36 दुकानें और आईएमसी दफ्तर सील
नावल्टी चौराहे वाली इस मार्केट में 36 दुकानें और मौलाना तौकीर रजा की पार्टी आईएमसी (इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल) का दफ्तर शामिल है, जो दूसरे तल पर स्थित है। दुकानों के साथ आईएमसी का दफ्तर भी सील कर दिया गया। डॉ. नफीस को तौकीर का खास माना जाता है। वह खुद को वक्फ संपत्ति का मुतवल्ली (देखरेख करने वाला) बताते हुए किराया वसूलता है।
वक्फ संपत्ति की खरीद–फरोख्त के आरोप
डॉ. नफीस पर वक्फ बोर्ड की संपत्ति की खरीद और बिक्री के भी आरोप लग चुके हैं। नौमहला मस्जिद के पास वक्फ भूमि पर बनी दुकानों की बिक्री का मामला खासा गर्माया था। हालांकि दबाव बढ़ने पर यह विवाद दबा दिया गया। अब उनके भड़काऊ बयानों और धमकियों का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
हाथ काटने की धमकी का वीडियो
नफीस ने ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर हटाने पर किला इंस्पेक्टर को हाथ-पैर काटने और वर्दी उतारने की धमकी दी थी। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ। वीडियो में वह कहते दिख रहा था कि इंस्पेक्टर से कहा है कि बैनर पर हाथ लगाया तो हाथ काट दूंगा, वर्दी भी नहीं बचेगी। वीडियो वायरल होने के बाद किला थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।




