उत्तर प्रदेश सरकार 9 से 16 अक्टूबर के बीच राज्य के सभी 75 जिलों में व्यापार मेले आयोजित करेगी, जिसमें उद्यमियों को निःशुल्क स्टॉल दिए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य छोटे पैमाने के निर्माताओं, कारीगरों और स्थानीय व्यवसायों के लिए नए अवसर तैयार करना है। अधिकारियों ने शनिवार (27 सितंबर) को यह जानकारी दी। यह कदम ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) की सफलता के बाद उठाया गया है, जिसने व्यवसायों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और खरीदारों तक पहुँचने का मंच प्रदान किया था। जिला स्तर पर आयोजित होने वाले ये मेले अब कस्बों और गाँवों के कारोबारियों को भी बाज़ार तक पहुँच दिलाने का काम करेंगे।
खादी और ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कार्यक्रम के विस्तार की घोषणा की, जो पहले केवल मंडल मुख्यालयों तक सीमित था। उन्होंने कहा, “व्यापार मेले पहले सिर्फ मंडल स्तर पर होते थे, लेकिन UPITS के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए सरकार इन्हें हर जिले तक ले जा रही है। विभिन्न उद्योगों के प्रतिभागी, जिनमें वस्त्र क्षेत्र भी शामिल है, इसमें भाग लेंगे।” मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार विश्वविद्यालयों में खादी शोरूम खोलने की योजना बना रही है ताकि युवाओं को इस कपड़े के बारे में जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा, “कुछ आधुनिक कपड़ों के विपरीत, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकते हैं, खादी शुद्ध, टिकाऊ और पर्यावरण-हितैषी है। यह परंपरा के साथ-साथ हरित विकल्प के रूप में भी महत्वपूर्ण है।”
नवाचार और अवसंरचना पर फोकस
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान राज्य के अग्निशमन विभाग का अत्याधुनिक स्टॉल बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित कर रहा था। आगंतुकों ने यहाँ रेस्क्यू कैमरे, थर्मल इमेजिंग सिस्टम, ब्रीदिंग सेट और यहाँ तक कि आग बुझाने वाले रोबोट जैसी उन्नत तकनीकों को देखा। प्रदर्शनी में मेरठ, गोरखपुर और लखनऊ जैसे शहरों को भेजे गए नए अग्निशमन वाहनों को भी प्रदर्शित किया गया, जो उत्तर प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं को मज़बूत बनाने की सरकार की पहल को दर्शाता है।
परिवर्तन की राह पर महिला उद्यमी
मेले ने क्षेत्र की महिला उद्यमियों के बढ़ते योगदान को भी प्रदर्शित किया। लखनऊ की निधि जैन, जिन्होंने आठ साल पहले एक छोटे कमरे से चिकनकारी कढ़ाई का कारोबार शुरू किया था, ने बताया कि सरकारी पहल और सरल नियमों ने उनके विस्तार में मदद की। उन्होंने कहा, “अब मैं 30–40 महिलाओं को रोज़गार देती हूँ और नोएडा में स्टूडियो संचालित करती हूँ। हम सशक्त हैं और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में योगदान दे रहे हैं।” जैन ने बताया कि सुविधाओं में सुधार, बेहतर अवसंरचना और बाज़ार से जुड़ाव ने उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा, “पिछले साढ़े आठ सालों में उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं। कारोबार करना अब आसान हो गया है और व्यापारी राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर तक आसानी से पहुँच पा रहे हैं।”




