उत्तर प्रदेश सरकार ने 7 अक्टूबर 2025 को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। शनिवार (अक्टूबर 4) को शासन ने इसका आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब एक सप्ताह पहले श्रावस्ती जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लिया था। उन्होंने कहा था कि महर्षि वाल्मीकि जयंती को राज्य स्तरीय सम्मान दिया जाएगा और इस दिन सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और सार्वजनिक संस्थान बंद रहेंगे।
वाल्मीकि समाज की पुरानी मांग हुई पूरी
भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज लंबे समय से महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सरकारी अवकाश बहाल करने की मांग कर रहा था। समाज के पदाधिकारियों ने इसके लिए सरकार को ज्ञापन भी सौंपे थे। उनका कहना था कि पहले इस दिन सरकारी छुट्टी होती थी, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। अब 2025 से यह परंपरा दोबारा शुरू हो रही है, जो समाज के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई घोषणा के बाद शासन ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है, जिससे पूरे प्रदेश में 7 अक्टूबर को सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थान, नगर निगम, न्यायालय, शैक्षणिक संस्थान और राज्य सरकार से संबद्ध कार्यालयों में अवकाश रहेगा।
महर्षि वाल्मीकि का सांस्कृतिक योगदान
महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि कहा जाता है और वे रामायण के रचयिता माने जाते हैं। उनका योगदान न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्व रखता है। रामायण जैसे महाकाव्य की रचना कर उन्होंने भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया। उनके सम्मान में घोषित यह सार्वजनिक अवकाश न केवल वाल्मीकि समाज के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए विशेष महत्व रखता है। सरकार के इस निर्णय से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों और शिक्षाओं को व्यापक स्तर पर सम्मान और पहचान मिलने की उम्मीद है।




