रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा के विधायक मनोज पांडेय, मृतक हरिओम वाल्मीकि की पत्नी संगीता उर्फ पिंकी को लेकर शनिवार (11 अक्टूबर) को सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले। इस दौरान संगीता के पिता छोटेलाल और बेटी अनन्या भी मौजूद थीं।
मुलाकात से पहले मंत्री असीम अरुण और राकेश सचान ने संगीता से मिलकर सरकार की तरफ से भेजी गई आर्थिक मदद सौंपी थी। विधायक मनोज पांडेय ने संगीता से सहायता के बारे में पूछा, जिस पर उन्होंने कहा कि सरकार ने उम्मीद से अधिक मदद दी है। इसके बाद विधायक उन्हें दोपहर करीब डेढ़ बजे लखनऊ ले आए और देर शाम सीएम योगी से मिलवाया।
संगीता के शब्द– “बाबा, केवल आप ही रक्षा कर सकते हैं”
लखनऊ में सीएम से मुलाकात के बाद संगीता वाल्मीकि ने कहा कि बाबा, केवल आप ही हैं जो दलितों की रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने सरकार और पुलिस कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया और न्याय की उम्मीद जताई।
सीएम योगी ने उन्हें हर संभव न्याय का भरोसा दिलाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर और कार्यस्थल पर स्थायी नौकरी दी जाएगी। साथ में सभी सरकारी कल्याण योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और दलितों तथा वंचितों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। राज्य में कानून-व्यवस्था पर समझौता नहीं होगा और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
विधायक का बयान और कार्रवाई की स्थिति
विधायक मनोज पांडेय ने बताया कि सीएम ने बचे हुए अपराधियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। परिवार की सरकारी नौकरी की मांग स्वीकार कर ली गई है। उन्होंने कहा कि परिवार को 6.92 लाख रुपये का मुआवजा मिल चुका है। इस मामले में 15 आरोपियों में से 12 की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 3 की तलाश जारी है।
संगीता ने कहा कि सभी आरोपी पकड़े जाने के बाद ही उन्हें सुकून मिलेगा।
घटनाक्रम – 2 अक्टूबर की रात
ऊंचाहार थाना क्षेत्र के ईश्वरदासपुर गांव में 2 अक्टूबर को हरिओम वाल्मीकि (38) का शव रेलवे ट्रैक किनारे मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शरीर पर पिटाई के निशान, सिर पर गहरी चोट और छाती पर बेल्ट के निशान थे।
1 अक्टूबर की रात उन्हें 24-25 ग्रामीणों ने पकड़कर पूछताछ की, संतुष्ट न होने पर लाठी-डंडे और बेल्ट से पीटा गया। अधनंगा कर हाथ बांधकर भी पीटते रहे। फिर नहर किनारे खंभे से बांधा और बेरहमी जारी रखी। अधमरी हालत में रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया, जहां सुबह शव मिला।
पृष्ठभूमि और पीड़िता का बयान
संगीता के अनुसार, उनके पति मानसिक रूप से कमजोर थे और उनसे मिलने रायबरेली आ रहे थे। वह ऊंचाहार में पंजाब नेशनल बैंक में सफाई कर्मचारी हैं और मायके में रह रही थीं।
वीडियो साक्ष्य
मामले में अब तक 4 वीडियो सामने आए। पहला शव का, दूसरा ग्रामीणों द्वारा पिटाई का, तीसरा जिसमें पीटते समय हरिओम “राहुल गांधी” बोलते हैं और भीड़ कहती है– “यहां सब बाबा वाले हैं”, और चौथा जिसमें पुलिस मौके पर आई लेकिन कार्रवाई किए बिना लौट गई।
4 अक्टूबर को सामने आए वीडियो के दृश्य
वीडियो में हरिओम ज़मीन पर अर्द्धनग्न दिखते हैं, हाथ पीछे बांधकर भीड़ बेल्ट-डंडे से उनकी जांघ व गुप्तांग पर प्रहार कर रही है। गालियां देते हुए पानी डाला जा रहा है, वह दर्द से “राहुल गांधी” चिल्लाते हैं। भीड़ से आवाज आती है– “यहां सब बाबा वाले आदमी हैं” और “इसे मारते हुए थक जा रहे हैं।”
पुलिस कार्रवाई और दंडात्मक कदम
3 अक्टूबर को वीडियो वायरल होने के बाद 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ और 4 अक्टूबर को पांच आरोपी—वैभव सिंह, विपिन मौर्या, विजय कुमार, सहदेव और सुरेश कुमार—गिरफ्तार हुए। पुलिस लापरवाही पर ऊंचाहार कोतवाल संजय कुमार का ट्रांसफर, सब-इंस्पेक्टर कमल सिंह यादव और आरक्षी प्रदीप कुमार व अभिषेक कुमार को सस्पेंड कर दिया गया।




