भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर देशभर में एकता का संदेश गूंज रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज(12 अक्टूबर) लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘सरदार @150 यूनिटी मार्च’ अभियान का विस्तृत खाका पेश किया। यह अभियान 31 अक्टूबर से 6 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें सरदार पटेल की जन्मभूमि करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवाड़िया तक की 150 किलोमीटर लंबी पदयात्रा होगी। सीएम योगी ने कहा, “अखंड भारत का आज जो स्वरूप हमें दिखाई देता है, इसके शिल्पी के रूप में पूरा भारत लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी का स्मरण करता है। उनके प्रति हम सदैव कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं।”
सीएम का प्रेस कांफ्रेंस
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस न सिर्फ एक घोषणा थी, बल्कि राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का एक संकल्प भी। सीएम योगी ने बताया कि पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं या होने वाले हैं। 6 अक्टूबर को केंद्रीय खेल एवं युवा मामले मंत्री अनुराग ठाकुर ने ‘माई भारत’ अभियान के तहत युवाओं के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया, जहां रजिस्ट्रेशन का कार्य चल रहा है। उत्तर प्रदेश में भी इसी दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। अभियान का केंद्र बिंदु 31 अक्टूबर को ‘रन फॉर यूनिटी’ होगा, जो हर जनपद में आयोजित होगा। सीएम ने जोर देकर कहा, “यह कार्यक्रम पिछले 11 वर्षों से भाजपा और सरकार द्वारा निरंतर चलाया जा रहा है, लेकिन इस बार सरदार साहब की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में इसमें विशेष उत्साह है।”
सरदार पटेल के योगदान
सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम सुनते ही मन में एक अखंड भारत की तस्वीर उभर आती है। 1875 में गुजरात के नडियाद में जन्मे इस महान स्वतंत्रता सेनानी ने स्वाधीनता संग्राम में गांधीजी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी। लेकिन उनका असली योगदान आजादी के बाद आया, जब उन्होंने 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोया। बिना किसी रक्तपात के उन्होंने भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाया। आज जब देश आंतरिक और बाहरी चुनौतियों से जूझ रहा है, सरदार पटेल का संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है। सीएम योगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यही बात दोहराई, “सरदार पटेल न सिर्फ एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि एकजुट भारत के स्तंभ भी थे। उनकी जयंती पर हम उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाएंगे।”
अभियान का रोडमैप और जनसहभागिता
उत्तर प्रदेश में यह अभियान कैसे फलेगा-फूलेगा, इसका रोडमैप सीएम ने बारीकी से बताया। सबसे पहले 31 अक्टूबर को हर जिले में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन होगा। इसमें युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक किया जाएगा। सीएम ने कहा, “नशा मुक्त भारत अभियान को मजबूत करने के लिए विशेष कैंपेन चलाए जाएंगे। योग और स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों को स्वस्थ जीवन की प्रेरणा दी जाएगी।” इसके अलावा, स्वच्छता पर भी फोकस रहेगा। हर स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि ग्रामीण और शहरी इलाकों में साफ-सफाई का संदेश पहुंचे।
अभियान का मुख्य आकर्षण 150 किलोमीटर की राष्ट्रीय पदयात्रा होगी। यह सरदार पटेल की पैतृक जन्मभूमि करमसद से गुजरात के केवाड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक चलेगी। सीएम योगी ने बताया, “इस यात्रा में हजारों युवा हिस्सा लेंगे। उत्तर प्रदेश से युवा मोर्चा के पदाधिकारी, दो-दो मशहूर खिलाड़ी, कलाकार और हर जिले से पांच-पांच प्रतिनिधि चार प्रमुख केंद्रों से बस द्वारा करमसद पहुंचेंगे। वहां से पदयात्रा शुरू होगी।” यह यात्रा न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक एकता का प्रतीक बनेगी। भाजपा ने हर लोकसभा क्षेत्र में 8-10 किलोमीटर की पदयात्रा का प्लान बनाया है। 1 नवंबर से 25 नवंबर तक हर विधानसभा क्षेत्र में ऐसी यात्राएं निकलेंगी, जो सभी सीटों को कवर करेंगी।
प्रदेश स्तर पर भाजपा और सरकार मिलकर काम कर रही है। सीएम ने कहा, “हमने हर संस्थागत क्षेत्र में तीन दिवसीय पदयात्रा का आयोजन रखा है। ये यात्राएं विधानसभाओं को जोड़ते हुए चलेंगी।” पदयात्रा से पहले जागरूकता फैलाने के लिए कई इवेंट्स होंगे। सरदार पटेल के योगदान पर निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, उनकी जीवनी पर आधारित संगोष्ठियां और नुक्कड़ नाटक जैसे कार्यक्रम ग्राम पंचायत से लेकर विधानसभा स्तर तक आयोजित होंगे। “ये सभी लोकल स्तर पर शुरू होंगे, ताकि आम जनता जुड़े,” सीएम ने जोर दिया।
युवाओं की सहभागिता केंद्र में
युवाओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान है। नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत विभिन्न कार्यक्रम चलेंगे। साथ ही, ‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वदेशी अभियान को बढ़ावा मिलेगा। सीएम योगी ने बताया, “पूरे प्रदेश के 75 जिलों में स्वदेशी मेला और यूपी ट्रेड फेयर का आयोजन हो चुका है। इससे स्थानीय हस्तशिल्पी और कारीगरों को सम्मान मिलेगा। उनकी कला को ग्लोबल ब्रांडिंग के लिए टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा रहा है। पैकेजिंग सुधारकर मार्केट से लिंक किया जाएगा।” यह कदम न सिर्फ आर्थिक सशक्तिकरण का है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।
पदयात्रा के दौरान स्थानीय कमेटियां, सामाजिक सेवा संगठन और सांस्कृतिक ग्रुप सक्रिय रहेंगे। सरदार साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण, श्रद्धांजलि सभाएं और नुक्कड़ नाटक जैसे कार्यक्रम होंगे। सीएम ने कहा, “अखंड भारत से आत्मनिर्भर भारत तक का सफर हम सबका संकल्प बनेगा। जो लोग इसमें भाग लेंगे, वे इतिहास का हिस्सा बनेंगे।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पत्रकारों ने सीएम से कई सवाल पूछे। एक पत्रकार ने पूछा कि क्या यह अभियान राजनीतिक है? सीएम ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “यह राष्ट्रीय एकता का अभियान है। राजनीति से ऊपर उठकर हम सबको इसमें जुड़ना चाहिए। सरदार पटेल ने तो रियासतों को एक किया था, हम क्यों न जनता को एक करें?”
राष्ट्रीय स्तर तक के कार्यक्रम
राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल को हमेशा सम्मान दिया है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण इसका जीता-जागता प्रमाण है। इस अभियान से युवा पीढ़ी को इतिहास से जोड़ा जाएगा। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में 75 जिलों को कवर करना आसान नहीं, लेकिन सीएम योगी की टीम ने इसे व्यवस्थित तरीके से प्लान किया है। हर जिले में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता जिम्मेदारी संभालेंगे।
यह अभियान सिर्फ मार्च तक सीमित नहीं रहेगा। इसके बाद भी सरदार पटेल के विचारों पर आधारित वर्कशॉप और सेमिनार चलेंगे। विशेष रूप से स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को शामिल किया जाएगा। सीएम ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर युवा सरदार साहब के संघर्ष से प्रेरित हो। एकता ही हमारी ताकत है।” प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सीएम ने सभी से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
जैसे-जैसे 31 अक्टूबर नजदीक आ रहा है, उत्साह बढ़ता जा रहा है। लखनऊ से लेकर गोरखपुर तक कार्यकर्ता तैयारी में जुटे हैं। यह अभियान न सिर्फ सरदार पटेल को याद करने का माध्यम बनेगा, बल्कि देश की एकता को नई ऊर्जा देगा। आज के दौर में जब विभाजनकारी ताकतें सक्रिय हैं, ऐसे कार्यक्रम जरूरी हैं। सीएम योगी की यह पहल सराहनीय है, जो इतिहास को वर्तमान से जोड़ रही है।




