प्रयागराज में धर्मांतरण मामले में मौलाना हिदायतुल्लाह की गिरफ्तारी के बाद नाहरपुर रोड कनिहार का माहौल पूरी तरह बदल गया है। मोहल्ले में खामोशी है, लोग बच्चों को घर से बाहर नहीं भेज रहे। पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें पता था कि हिदायतुल्लाह मौलाना का काम करता है, लेकिन धर्मांतरण में उसकी संलिप्तता चौंकाने वाली है। अब यहां रहना डरावना लगने लगा है, मगर मकान होने के कारण छोड़कर जाना संभव नहीं। अचानक फोर्स का आना और बड़े मामले का खुलासा होना परिवार वालों को डरा रहा है।
मोहल्ले में खामोशी और अचरज
यह घटना झूंसी के नाहरपुर रोड कनिहार इलाके की है। रविवार (12 अक्टूबर) को पुलिस जब आरोपी के घर पहुंची, तो आसपास के लोग सहमे हुए थे। किसी ने कैमरे पर कुछ भी कहने की हिम्मत नहीं जुटाई। एक बुजुर्ग ने बताया कि हिदायतुल्लाह 1984 में प्रयागराज आया, नाहरपुर रोड पर जमीन लेकर मकान बनाया और यहीं बस गया। शुरुआती दिनों में वह शांत स्वभाव का था, बाद में बीडी यादव कॉलेज, चमनगंज में उर्दू पढ़ाने लगा। बाद में निकाह करवाने का काम भी शुरू किया। धर्मांतरण का मामला सामने आने पर मोहल्ले वाले हैरान हैं। कॉलेज के प्रधानाचार्य जेपी यादव के मुताबिक, वह पिछले पांच महीनों से पार्ट टाइम बच्चों को हिंदी-उर्दू पढ़ा रहा था और व्यवहार में किसी गलत गतिविधि का अंदेशा कभी नहीं हुआ।
फर्जी दस्तावेज और नेटवर्क का शक
पुलिस ने आरोप लगाया है कि हिदायतुल्लाह ने हिंदू युवक राम बिहारी का धर्म परिवर्तन कर उसे ताज मोहम्मद नाम दिया और रायबरेली की युवती सलमा से फर्जी दस्तावेजों के जरिए निकाह कराया। घर से पुलिस को फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट, मुहरें और निकाह बुकलेट मिली है। इसमें 10-11 निकाह दर्ज हैं, जिनमें कई प्रयागराज के बाहर के जिलों के नाम शामिल हैं। इससे शक है कि आरोपी किसी धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
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खुद भी कर चुका था धर्म परिवर्तन
जांच में सामने आया कि हिदायतुल्लाह पहले हिंदू धर्म मानता था और करीब 25 साल पहले इस्लाम कबूल किया था। वह बस्ती जिले का रहने वाला है और दलित समुदाय से है। उसके परिवार में पत्नी और तीन बेटियां हैं। यह मामला सिविल लाइंस के एक अधिवक्ता की शिकायत से खुला, जिन्होंने आरोप लगाया कि वह हिंदू युवकों को धर्म बदलवाकर निकाह करवा रहा था। राम बिहारी नाम बदलने के बाद इतना डर गया कि किसी से बात तक नहीं कर पा रहा है।
पुलिस जांच और बड़े सवाल
एसीपी झूंसी विमल किशोर मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में अहम सुराग मिले हैं। मोबाइल डेटा, बैंक लेन-देन और निकाह कराने वालों की सूची की जांच हो रही है, ताकि किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट हो सके। मोहल्ले के लोग अब भी सदमे में हैं कि दशकों से यहीं रहने वाला व्यक्ति इतना बड़ा कृत्य कर सकता है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह व्यक्तिगत कदम था या किसी बड़े गिरोह की साजिश।




