बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में 69,206 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ होने जा रही है। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के 7952 और सहायिकाओं के 61,254 पद शामिल हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने विभागीय अधिकारियों को सभी जिलों में रिक्त पदों की भर्ती हेतु समय-सारिणी तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चरण के लिए तारीखें और समय-सीमा तय की जाए ताकि पूरी भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता रहे। प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
गुरुवार (16 अक्टूबर) को विभाग की समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण लीना जौहरी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के 2123 पद पूर्व चयन प्रक्रिया से, 306 नव सृजित केंद्रों से तथा 5523 मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद मुख्य कार्यकर्ता में परिवर्तित हुए हैं। वहीं सहायिकाओं के 38,994 पद सेवानिवृत्ति व मृत्यु के कारण रिक्त हैं और 22,260 पद अपग्रेड केंद्रों से जुड़े हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि समय-सारिणी जारी करने से पहले सभी जिलों में डीएम की अध्यक्षता में समिति गठित हो।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 23,697 स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्रों को पांच घटकों (पोषण वाटिका, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, आरओ मशीन, एलईडी स्क्रीन तथा ईसीसीई मैटेरियल, बाला पेंटिंग, माइनर सिविल वर्क्स) से पूर्ण कर “सक्षम आंगनबाड़ी” के रूप में तेजी से विकसित किया जाए। निर्माणाधीन केंद्रों के भवन कार्य में गति लाई जाए। “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम अंतर्गत कार्यकर्ताओं का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शीघ्र संपन्न कराया जाए। रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के लंबित प्रकरणों का निस्तारण चालू माह में सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ितों को समय पर सहायता दी जाए। प्रकरण लंबा खींचने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। बैठक में निदेशक महिला कल्याण संदीप कौर और निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार सरनीत कौर ब्रोका मौजूद रहीं।




