अक्तूबर के पहले ही सप्ताह में उत्तर प्रदेश ने बिजली खपत के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है। 24 घंटे के अंदर प्रदेश में 1490 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा रही। इस रिकॉर्ड के साथ यूपी ने हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे बिजली के बड़े उपभोक्ता राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।
बिजली की मांग में भारी इजाफा
दीपावली जैसे बड़े पर्व पर आमतौर पर बिजली की मांग बढ़ जाती है, लेकिन इस बार यह अनुमान से कहीं ज्यादा देखने को मिली। यही वजह है कि प्रदेश में मौजूद सभी बिजली परियोजनाओं की इकाइयों को उत्पादन में लगा दिया गया है। सभी इकाइयों से बेहतर उत्पादन बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
पिछले वर्ष दीपावली के दिन बिजली की अधिकतम मांग करीब 23 हजार मेगावाट दर्ज की गई थी। इस बार दीपावली की पूर्व संध्या तक 21 हजार मेगावाट की मांग देखी गई। वहीं सोमवार के दिन यह मांग 17 से 18 हजार मेगावाट के बीच बनी रही।
छठ पर्व तक मांग 20 हजार मेगावाट से ऊपर रहने की उम्मीद
मौसम में थोड़ी नरमी होने के बावजूद बिजली की मांग में कमी नहीं आई है। अनुमान है कि छठ पर्व तक बिजली की मांग 20 हजार मेगावाट से ऊपर बनी रहेगी।
देश के अन्य राज्यों की तुलना में यूपी सबसे आगे
एनआरएलडीसी (नेशनल रिजनल लोड डिस्पैच सेंटर) के आंकड़ों के अनुसार, यूपी देश में सबसे ज्यादा बिजली खपत करने वाला राज्य रहा।
- यूपी में 1490 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई।
- हरियाणा 1390 लाख यूनिट के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
- पंजाब में 880 लाख, दिल्ली में 830 लाख, और राजस्थान में 560 लाख यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई।
सोनभद्र की बिजली इकाइयों से पूरा उत्पादन
जिले की सभी बिजली परियोजनाएं इस समय पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन कर रही हैं।
- रिहंद और ओबरा जल विद्युत परियोजनाएं पूरी क्षमता से उत्पादन में लगी हैं।
- अनपरा ए (1630 मेगावाट) से 1364 मेगावाट उत्पादन
- अनपरा बी (1000 मेगावाट) से 900 मेगावाट
- अनपरा डी (1000 मेगावाट) से 931 मेगावाट
- ओबरा सी (1320 मेगावाट) से 1200 मेगावाट
- ओबरा बी (1000 मेगावाट) से 522 मेगावाट
- लैंको (निजी क्षेत्र, 1200 मेगावाट) से 722 मेगावाट
- एनटीपीसी रिहंद (3000 मेगावाट) से 2978 मेगावाट
- सिंगरौली सुपर थर्मल पावर (2000 मेगावाट) से 1978 मेगावाट उत्पादन हुआ।
पारेषण लाइनों पर भी भारी दबाव
बिजली की अचानक बढ़ी मांग के कारण पारेषण (ट्रांसमिशन) लाइनों पर भी अतिरिक्त लोड देखने को मिला।
पीक ऑवर (जब खपत सबसे ज्यादा होती है) में कई लाइनों पर क्षमता से ज्यादा बिजली आपूर्ति दर्ज की गई:
- उन्नाव लाइन (765 केवी) पर 777 केवी
- लखनऊ लाइन पर 792 केवी
- बलिया लाइन पर 778 केवी
- बरेली लाइन पर 787 केवी
- मेरठ लाइन पर 795 केवी
- रिहंद की 400 केवी लाइनों पर 401 और 405 केवी
- गोरखपुर लाइन पर 408 केवी
- बरेली की दोनों लाइनों पर 415 केवी का लोड
आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन
बिजली आपूर्ति में किसी भी तकनीकी दिक्कत या आपात कटौती की स्थिति में तुरंत संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 8960697062 जारी किया गया है।
यह स्थिति यह दर्शाती है कि दीपावली जैसे बड़े त्योहारों पर राज्य को अतिरिक्त बिजली उत्पादन और बेहतर पारेषण प्रबंधन की ज़रूरत होती है। यूपी इस बार उस चुनौती पर खरा उतरा है।




