उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज ‘पुलिस स्मृति दिवस’ के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस बल के उन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए प्राणों की आहुति दी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2024-25 में कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों में उत्तर प्रदेश पुलिस के 3 बहादुर पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। उन्होंने इन शहीदों की वीरता और बलिदान को नमन करते हुए उनके परिवारजनों को यह आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करती रही है और आगे भी तत्पर रहेगी।
शहीदों के परिवारों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस बल के शहीदों के परिजनों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने हमेशा शहीद परिवारों के साथ खड़े रहने की नीति अपनाई है और यह भाव भविष्य में भी बना रहेगा।
डिजिटल युग में पुलिस बल की भूमिका और साइबर अपराध से निपटने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल क्रांति ने जहां आम जनजीवन को सरल बनाया है, वहीं साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों को भी जन्म दिया है। इनसे प्रभावी रूप से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने ठोस रणनीति बनाई है और तकनीकी दक्षता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
60,244 नए पुलिसकर्मियों को आधुनिक प्रशिक्षण
प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, 60,244 नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को हाइब्रिड मॉडल पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण पारंपरिक शारीरिक और कानूनी प्रशिक्षण के साथ-साथ तकनीकी दक्षता, साइबर अपराध जांच, संवेदनशील संवाद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉडल और सिमुलेशन अभ्यास को भी शामिल करता है।
मुख्यमंत्री ने इसे नई पीढ़ी की पुलिस तैयार करने की दिशा में एक अभिनव पहल बताते हुए कहा कि यह जमीन, तकनीक और संवेदना के समन्वय से एक सशक्त पुलिस बल को जन्म देगा।
कानून व्यवस्था मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि अपराध और अपराधियों के प्रति सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि 31 मई 2017 से 27 सितंबर 2025 के बीच प्रदेश में Foot Patrolling के दौरान 2 करोड़ 85 लाख से अधिक स्थानों पर 8 करोड़ 70 लाख से अधिक लोगों की चेकिंग की गई, जो प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करने के प्रति पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार के गठन के बाद से अब तक 2.19 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है, जिससे पुलिस बल को नई ऊर्जा और शक्ति मिली है।
‘पुलिस स्मृति दिवस’ केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि यह दिन हमें हमारे सुरक्षा प्रहरी पुलिस बल की जिम्मेदारियों, बलिदानों और समाज में उनकी भूमिका की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए घोषणाएं यह दर्शाती हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिस बल को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे आम जनमानस में सुरक्षा की भावना और अपराधियों में कानून का भय बना रहे।




