मथुरा के वृंदावन और अझई स्टेशनों के बीच बुधवार (21 अक्टूबर) देर रात एक कोयले से लदी मालगाड़ी के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे के चलते दिल्ली-आगरा रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई। घटना में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई है, लेकिन रेल ट्रैक को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
घटनास्थल पर पहुंचे सर्कल ऑफिसर (मथुरा) संदीप कुमार सिंह ने बताया कि हादसे के चलते अप, डाउन और तीसरी लाइन पूरी तरह से बाधित हो गई, जबकि चौथी लाइन पर केवल सावधानी के साथ ट्रेनों को चलने की अनुमति दी गई है।
रेलवे प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। कोयले से लदे डिब्बे कई ट्रैकों पर फैल गए, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। इस कारण से दर्जनों ट्रेनों को रद्द, आंशिक रूप से निरस्त या उनके मार्ग में बदलाव किया गया है।
कई प्रमुख ट्रेनें रद्द, कुछ के रूट बदले गए
आगरा रेल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि हादसे के बाद कई प्रमुख ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इनमें 64958 पलवल-आगरा कैंट मेमू, 64955 आगरा कैंट-टूंडला मेमू, 22470-22469 खजुराहो वंदे भारत, 12002-12001 शताब्दी एक्सप्रेस, 12280-12279 ताज एक्सप्रेस, 20452-20451 सोगरिया इंटरसिटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस और 12050-12049 गतिमान एक्सप्रेस शामिल हैं।
इसके अलावा कई ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं, जैसे 12486 हजूर साहिब एक्सप्रेस, 12472 स्वराज एक्सप्रेस, 20156 नई दिल्ली-अंबेडकर नगर एक्सप्रेस, 12172 हरिद्वार-मुंबई एक्सप्रेस, 22210 दूरंतो एक्सप्रेस और 12722 दक्षिण सुपरफास्ट एक्सप्रेस। कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से भी निरस्त किया गया है।
उत्तर मध्य रेलवे ने पश्चिम रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे की ओर जाने वाली ट्रेनों के मार्ग को भी डायवर्ट किया है। रेवाड़ी, अलवर, जयपुर, सवाई माधोपुर, कोटा और बीना जाने वाली ट्रेनों को अब गाजियाबाद, मितावली, आगरा कैंट और बीना मार्ग से भेजा जाएगा।
त्योहारी सीजन में यात्रियों को भारी दिक्कत
हादसे का असर सीधे त्योहारों के मौसम में सफर कर रहे यात्रियों पर पड़ा है। कई ट्रेनें 2 से 3 घंटे की देरी से चल रही हैं। मथुरा रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं और रेलवे हेल्पलाइन पर लगातार शिकायतें आ रही हैं। यात्रियों को ना केवल देरी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि अचानक ट्रेनों के रद्द होने से उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था करने में भी कठिनाई हो रही है।
यह पहली बार नहीं है जब इस रूट पर ऐसा हादसा हुआ है। सितंबर 2024 में भी जैत-वृंदावन रोड स्टेशन के बीच कोयले से लदी मालगाड़ी के 25 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिससे लंबे समय तक ट्रैक बाधित रहा था।
रेलवे प्रशासन ने फिलहाल एक ट्रैक को चालू कर दिया है, लेकिन बाकी ट्रैकों की मरम्मत जारी है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले रेलवे की वेबसाइट या हेल्पलाइन से जानकारी प्राप्त करें।




