मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक क्षेत्र में रासायनिक, जैविक और विकिरण संबंधी दुर्घटनाओं के साथ-साथ अत्यंत ऊँची इमारतों में होने वाली आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेषीकृत इकाइयों (specialised units) के गठन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि फायर सर्विस विभाग को आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित कर्मियों से सुसज्जित किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेज़, प्रभावी और कुशल प्रतिक्रिया दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विभाग जनसुरक्षा और संपत्ति की सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी संरचना ऐसी होनी चाहिए कि हर परिस्थिति में तत्काल और जवाबदेह कार्रवाई संभव हो सके।
98 राजपत्रित और 922 अराजपत्रित पदों का सृजन
बैठक में मुख्यमंत्री ने फायर सर्विस विभाग में 98 राजपत्रित और लगभग 922 अराजपत्रित नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी। इस कदम से विभाग की प्रशासनिक दक्षता, प्रशिक्षण व्यवस्था और लोकसेवा की गुणवत्ता को मज़बूती मिलेगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक ज़िले में एक लेखा संवर्ग (accounts cadre) स्थापित किया जाए, ताकि वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय (State Fire Training College) में नए पदों के सृजन के निर्देश दिए, जिससे प्रशिक्षण और अनुसंधान के स्तर में और सुधार हो सके।
एक्सप्रेसवे पर हर 100 किलोमीटर पर छोटे फायर स्टेशन
सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एक्सप्रेसवे पर हर 100 किलोमीटर पर छोटे फायर चौकियां (fire outposts) स्थापित की जाएं। इन चौकियों में फायर टेंडर और आवश्यक उपकरण उपलब्ध रहेंगे ताकि किसी भी दुर्घटना के बाद “गोल्डन आवर” के भीतर राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
नए हवाई अड्डों पर फायर सर्विस की तैनाती
अधिकारियों ने जानकारी दी कि कुशीनगर, आज़मगढ़, श्रावस्ती, कानपुर नगर, अयोध्या, अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट और सोनभद्र हवाई अड्डोंपर पहले ही फायर सर्विस कर्मियों की तैनाती की जा चुकी है। इससे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।
पुनर्गठन प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फायर सर्विस के पुनर्गठन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि इसके लाभ जनता तक शीघ्र पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए कि वह किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रियादे सके।
आधुनिकीकरण और सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद, राज्य सरकार ने फायर सर्विस के आधुनिकीकरण और विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदमउठाया है। यह पहल न केवल जनसुरक्षा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि आपदा प्रबंधन प्रणाली को भी पूरे उत्तर प्रदेश में अधिक सक्षम और उत्तरदायीबनाएगी।




