मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बीडा केवल झांसी ही नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनेगा। योगी ने कहा कि अब बुंदेलखंड पिछड़ेपन का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की प्रगति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा।
भूमि अधिग्रहण छह माह में पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बुधवार (अक्टूबर 29) को बीडा की प्रगति की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अगले छह महीनों में पूरी की जाए। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर रजिस्ट्री और राजस्व कर्मियों की तैनाती तथा 15 दिनों में इंजीनियर और टाउन प्लानर की नियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा।
योगी ने कहा कि बीडा को ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस और रोजगार सृजन का मॉडल बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और रेलवे स्टेशन की योजना
मुख्यमंत्री ने बीडा क्षेत्र में एयरपोर्ट के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने और एनएचएआई के साथ समन्वय कर आगरा–ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को झांसी/बीडा तक बढ़ाने की योजना को गति देने को कहा।
इसके साथ ही दिल्ली–चेन्नई चतुर्थ रेलवे लाइन के तहत बीडा क्षेत्र में नया रेलवे स्टेशन और दिल्ली–नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का एक नोड विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने बीडा में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने की आवश्यकता भी जताई।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से बीडा को जोड़ने की योजना
मुख्यमंत्री ने यूपीडा को निर्देश दिए कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को बीडा से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट शीघ्र तय किया जाए ताकि उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
बैठक में बताया गया कि बीडा के लिए 56,662 एकड़ भूमि अनुमोदित है, जिसमें से 22,028 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए बीडा ने विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिससे किसान की सहमति से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। किसानों की सुविधा के लिए कॉल सेंटर भी अगले माह से शुरू किया जाएगा।
मास्टर प्लान-2045 : 253 वर्ग किमी क्षेत्र का विकास खाका
बीडा का मास्टर प्लान-2045 बोर्ड की स्वीकृति प्राप्त कर चुका है। इसके अंतर्गत 253.33 वर्ग किमी क्षेत्र में भूमि उपयोग का खाका तैयार किया गया है —
- औद्योगिक : 35.8%
- आवासीय : 15.2%
- मिश्रित उपयोग : 5.1%
- वाणिज्यिक : 1.5%
- हरित क्षेत्र : 10.6%
सभी आठ सेक्टरों की जोनिंग और सेक्टर प्लानिंग 30 नवंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने सड़क, सीवेज, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और बिजली आपूर्ति के कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए।
एनएच-27 और एनएच-44 से मजबूत कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीडा को एनएच-27 और एनएच-44 से जोड़ने वाली सड़क योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और निवेश दोनों को बल मिलेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
यूपीडा की समीक्षा बैठक में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण दिसंबर तक हर हाल में पूरा किया जाए ताकि पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित हो।
बैठक में मेरठ–हरिद्वार लिंक, नोएडा–जेवर लिंक, चित्रकूट–रीवा लिंक और विंध्य–पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे सहित नए एक्सप्रेसवे प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
डिफेंस कॉरिडोर में स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनेंगे
मुख्यमंत्री ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह नोड — लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट — में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए। इन केंद्रों के जरिए स्थानीय युवाओं को रक्षा उद्योग से जोड़कर रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि अब तक 30,819 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और 5,039 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है।
तीन साल में भूमि उपयोग न होने पर आवंटन रद्द
सीएम योगी ने कहा कि यदि किसी निवेशक को आवंटित भूमि तीन साल में उपयोग नहीं की जाती है, तो उसका आवंटन स्वतः निरस्त किया जाएगा। भूमि उपयोग की निगरानी के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक पार्कों में निवेश आकर्षित करने हेतु बिजली, जल, ट्रक टर्मिनल और स्वास्थ्य–आपात सुविधाओं की समयबद्ध व्यवस्था करने की योजना तैयार की गई है।




