Tuesday, March 3, 2026
होमउत्तर प्रदेशवाराणसी से देश को चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात, पीएम...

वाराणसी से देश को चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी; ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर सीएम योगी ने नागरिक कर्तव्य पर दिया संदेश

यह पहला मौका था जब प्रधानमंत्री ने वाराणसी रेलवे स्टेशन से किसी ट्रेन को शारीरिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सुबह 8:16 बजे पीएम मोदी प्लेटफॉर्म पर पहुँचे और कुछ ही मिनट बाद ट्रेन को रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु—का ऑनलाइन और ऑफलाइन उद्घाटन किया।

-

वाराणसी रेलवे स्टेशन पर शनिवार की सुबह ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस से खजुराहो जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन जैसे ही प्लेटफॉर्म नंबर 8 से आगे बढ़ी, स्टेशन परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। लोगों ने हाथ उठाकर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। आठ कोच वाली इस उद्घाटन स्पेशल ट्रेन में पहले ही दिन 400 से अधिक यात्रियों ने सफर किया। यह ट्रेन सुबह 8:41 बजे बनारस से चली और शाम 4:30 बजे खजुराहो पहुंचेगी।

यह पहला मौका था जब प्रधानमंत्री ने वाराणसी रेलवे स्टेशन से किसी ट्रेन को शारीरिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सुबह 8:16 बजे पीएम मोदी प्लेटफॉर्म पर पहुँचे और कुछ ही मिनट बाद ट्रेन को रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु—का ऑनलाइन और ऑफलाइन उद्घाटन किया।

वाराणसी से चलने वाली आठवीं वंदे भारत

बनारस से अब आठ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिनमें वाराणसी-खजुराहो नई जोड़ है। इनके अलावा वाराणसी-नई दिल्ली, वाराणसी-देवघर, वाराणसी-मेरठ, वाराणसी-रांची और वाराणसी-आगरा कैंट समेत कई रूट पर वंदे भारत पहले से चल रही हैं। इससे काशी की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत होती जा रही है।

पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि नई वंदे भारत ट्रेनों से न सिर्फ यात्रा समय कम होगा बल्कि क्षेत्रीय गतिशीलता बढ़ेगी। पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी होगी।

चार नई वंदे भारत ट्रेनों की विशेषताएँ

बनारस-खजुराहो वंदे भारत:

यह ट्रेन उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों—वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो—को तेज और आरामदायक यात्रा के साथ जोड़ती है। यह मौजूदा स्पेशल ट्रेनों की तुलना में लगभग 2 घंटे 40 मिनट समय बचाएगी। खजुराहो स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल तक पहुँच और सुविधाजनक होगी।

लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत:

यह ट्रेन लगभग 7 घंटे 45 मिनट में पूरी यात्रा करेगी, जिससे करीब 1 घंटे की बचत होगी। इस मार्ग से लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर और सहारनपुर के यात्रियों को लाभ मिलेगा। रुड़की होते हुए हरिद्वार की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। रेलवे के अनुसार यह सेवा मध्य और पश्चिमी यूपी में तेज शहरी परिवहन को मजबूती देगी।

फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत:

यह ट्रेन दिल्ली और पंजाब के प्रमुख शहरों—फिरोजपुर, बठिंडा और पटियाला—के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करेगी। 6 घंटे 40 मिनट में यात्रा पूरी कर यह इस रूट की सबसे तेज ट्रेन बनेगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ: सीएम योगी का नागरिक कर्तव्य पर जोर

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर नागरिकों को राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों के पालन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल गीत नहीं बल्कि भारत की एकता, संस्कृति और कर्तव्य भावना का पवित्र प्रतीक है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा दी और क्रांतिकारियों में ऊर्जा भरी।

सीएम योगी ने बताया कि यह गीत किसी विशेष समुदाय या संप्रदाय का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की भावना को अभिव्यक्त करता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षक का विद्यार्थियों को संस्कार देना, सैनिक का सीमाओं पर सुरक्षा करना और किसान का अन्न उत्पादन करना—ये सभी ‘वंदे मातरम्’ की सच्ची भावना के रूप हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संविधान दिवस पर दिए गए नागरिक कर्तव्य संबंधी संदेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अधिकार और कर्तव्य दोनों साथ-साथ चलते हैं, और नागरिकों द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करता है।

‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक यात्रा

1875 में ‘आनंदमठ’ में लिखे जाने के बाद ‘वंदे मातरम्’ जल्द ही स्वतंत्रता संघर्ष का घोषवाक्य बन गया। रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में गाया। ब्रिटिश सरकार ने कई बार इस पर प्रतिबंध लगाया लेकिन इसकी लोकप्रियता और प्रभाव कम नहीं हुआ। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने इसे भारत का राष्ट्रगीत घोषित किया।

पीएम मोदी द्वारा चार नई वंदे भारत ट्रेनों का शुभारंभ और ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर दिया गया नागरिक कर्तव्य का संदेश—दोनों घटनाएँ देश की प्रगति, कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय चेतना को नई ऊर्जा देने वाली हैं। वाराणसी समेत कई राज्यों को इन ट्रेनों से तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा का लाभ मिलेगा, जबकि ‘वंदे मातरम्’ का संदेश नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देता रहेगा।

UP4India Desk
UP4India Deskhttps://upchauraha.com
UP4India is an independent digital platform that presents news, opinions, culture, and social issues related to Uttar Pradesh and India with an unbiased perspective. Our mission is to inform, educate, and inspire people. We are committed to bringing ground realities to light and amplifying the voice of public interest. Your trust is our greatest strength. Here, you will find not only the latest news but also in-depth analysis and special reports. We believe in transparency, accuracy, and balanced reporting. UP4India strives to provide a platform for the voice of every citizen.
- Advertisment -
Google search engine

Must Read