गुजरात ATS ने रविवार (नवंबर 9) को उत्तर प्रदेश के दो संदिग्ध आतंकियों को बनासकांठा ज़िले से पकड़ा। इनके अलावा अहमदाबाद से एक और आतंकी को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आजाद सुलेमान शेख (20) शामली का रहने वाला है, जबकि मोहम्मद सहूल (23) का घर लखीमपुर में है। तीसरा आरोपी अहमद मोहियुद्दीन सैयद (35) मूल रूप से हैदराबाद का निवासी है।
ATS जांच में खुलासा हुआ कि सुलेमान और सहूल ने मोहियुद्दीन को हथियार उपलब्ध कराए थे। पेशे से डॉक्टर मोहियुद्दीन ने एमबीबीएस चीन से किया है और वह ISIS के खुरासान मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था। कुछ दिनों से इन तीनों पर ATS लगातार निगरानी रख रही थी। जांच से पुष्टि हुई कि ये तीनों आईएसआईएस के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे।
उनके पास से तीन पिस्तौल, 30 कारतूस और बड़ी मात्रा में केमिकल बरामद किया गया। इनका मकसद देश के कई हिस्सों में आतंकी वारदात को अंजाम देना था। आरोपियों को दो अलग-अलग मॉड्यूल से संबंधित बताया जा रहा है। फिलहाल ATS यह पता लगाने में जुटी है कि ये किन-किन जगहों को निशाना बनाने वाले थे।
3 बिंदुओं में जानिए—आतंकी कैसे पकड़ में आए, क्या खुलासे हुए
1. DSP को इनपुट मिला, चेकिंग के दौरान अहमद गिरफ्तार
गुजरात ATS के DSP एसएल चौधरी को सूचना मिली कि अहमद मोहियुद्दीन सैयद अहमदाबाद में छिपकर एक बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। सत्यापन में इनपुट सही पाया गया, जिस पर SP के. धस्सधार्या के निर्देशन में एक टीम गठित की गई, जिसकी कमानDSP एसएल चौधरी के पास थी।
टीम ने अहमदाबाद–महेसाणा हाईवे पर अडालज टोल के पास एक फोर्ड फिगो कार को रोका। कार में बैठे अहमद से दो ग्लॉक पिस्टल, एक बेरेटा पिस्टल, 30 लाइव कारतूस और 4 लीटर कैस्टर ऑयल मिला। हथियार बरामद होने पर उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
2. मोबाइल डेटा से यूपी के मॉड्यूल तक पहुंच
पूछताछ में अहमद ने बताया कि उसने एमबीबीएस चीन से किया है और वह एक आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। उसने कलोल के पास एक सुनसान कब्रिस्तान जैसे स्थान पर हथियार छुपा रखे थे। उसके पाकिस्तानी नागरिकों से संपर्क होने की बात भी सामने आई। वह “राइगिन” नामक विस्फोटक उपकरण तैयार कर रहा था, जिसके लिए उसने केमिकल और उपकरण खरीदे थे।
ATS ने उसका मोबाइल डेटा रिकवर किया। मिले इनपुट के आधार पर डीएसपी केपी पटेल और वीके परमार की टीम ने बनासकांठा से यूपी के आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सहूल को भी पकड़ लिया।
3. पाकिस्तान बॉर्डर से हथियार भेजे गए, कई जगहों की रेकी
पूछताछ में यूपी के दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वे राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार लेकर आए थे। इन्होंने लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद की कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील लोकेशन्स की रेकी की थी।
तीनों का संबंध ISIS-KP से जुड़े आतंकी अबू खदीजा से मिला है, जो पाकिस्तानी सीमा से ड्रोन के जरिए इन्हें हथियार सप्लाई करता था।
तीनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हो चुका है। अदालत ने अहमद को 17 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा है।
4 महीने पहले भी पकड़े गए थे 4 आतंकी
इससे पहले अगस्त में गुजरात ATS ने चार और आतंकियों को पकड़ा था। इनमें दो गुजरात से, एक दिल्ली से और एक नोएडा से गिरफ्तार हुआ था। ये लोग फर्जी नोटों के नेटवर्क और आतंकी संगठनों के लिए लोगों की भर्ती में लगे थे।
ये ऐसे ऐप्स का उपयोग कर रहे थे, जिनका कंटेंट स्वतः डिलीट हो जाता है। जांच में सामने आया कि ये AQIS (अल कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट) के लिए सक्रिय थे और संदिग्ध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क साधते थे।
ATS के अनुसार, इनकी उम्र 20–25 वर्ष के बीच थी और सभी भारत में आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे। इन्हें कई उच्च सुरक्षा वाले ठिकानों को लक्ष्य बनाने के निर्देश मिले थे।
सारी गतिविधियाँ विदेशी आतंकियों से संपर्क में रहकर संचालित हो रही थीं। अब गुजरात ATS और केंद्रीय एजेंसियां इनके नेटवर्क, फंडिंग, ट्रेनिंग और बाहरी कनेक्शन्स की परत दर परत जांच कर रही हैं। आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।




