बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ रविवार (नवंबर 9) को तीसरे दिन में प्रवेश कर गई। दिल्ली से शुरू हुई यह यात्रा हरियाणा के मार्ग से धीरे-धीरे वृंदावन की ओर बढ़ रही है। रविवार को प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य भी यात्रा में पहुंचे और धीरेंद्र शास्त्री के साथ भजन-कीर्तन में शामिल हुए। दोनों ने भगवा ध्वज लहराया और भक्तों के साथ चलते दिखे।
सड़क पर बैठकर भोजन, संतों को परोसी पूड़ी-सब्जी
यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्धाचार्य सड़क किनारे बैठकर पूड़ी और आलू की सब्जी खाते नजर आए। इस दौरान शास्त्री स्वयं संतों और यात्रियों को भोजन परोसते दिखे। साधुओं और श्रद्धालुओं ने इसे सरलता और सेवा भाव का उदाहरण बताया।
सुरक्षा घेरा तोड़ने वाला युवक पकड़ा, बाद में बुलाकर छोड़ा
पदयात्रा के बीच एक युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर धीरेंद्र शास्त्री की ओर बढ़ा। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे रोक लिया। बाद में शास्त्री ने युवक को अपने पास बुलाकर बात की। उसने बताया कि वह उनका भक्त है, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया।
रावण की वेशभूषा में युवक पहुंचा, संवाद चर्चा में रहा
यात्रा में एक युवक रावण की ड्रेस पहनकर पहुंचा। उसे देखते ही धीरेंद्र शास्त्री ने कहा— “आओ दशानन, क्या हाल है?” युवक ने जवाब दिया— “महाराज जी, आपकी कृपा है, यह रावण भगवान राम की शरण में है।”

इस पर शास्त्री ने कहा— “ये भगवान राम बोल रहा है, इसे मारा नहीं जाएगा। देख लो हिंदुओं, दस मुख वाला भी सपोर्ट में आ गया है, तुम तो एक मुख वाले हो, सपोर्ट में आ जाओ।”
देश-आर्मी को सम्मान देने और एकता का संदेश
धीरेंद्र शास्त्री ने यात्रा में संबोधन के दौरान कहा— “देश और सेना का सम्मान करो। जब दीया ही नहीं होगा तो बत्ती का क्या करोगे? देश ही बचेगा तो जाति का क्या होगा? जागो रे हिंदुओं… धर्म से बड़ा कोई जाति नहीं होती।”
उन्होंने जात-पात से दूर रहने और हिंदू समाज को एकजुट होने की अपील भी की।
सेलिब्रिटीज की मौजूदगी रही चर्चा में
शनिवार (नवंबर 8) को पदयात्रा में पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन और कल्कि पीठाधीश्वर शामिल हुए थे। धीरेंद्र शास्त्री ने ज़मीन पर बैठकर धवन से बातचीत की। दोपहर बाद WWE रेसलर दलीप सिंह राणा उर्फ ‘ग्रेट खली’ भी यात्रा में शामिल हुए और शास्त्री के साथ चलते दिखे।
शुक्रवार (नवम्बर 7) को राजाभैया की उपस्थिति भी चर्चा में रही।
16 नवंबर को वृंदावन में समापन
धीरेंद्र शास्त्री की यह सनातन एकता पदयात्रा 16 नवंबर को वृंदावन में समाप्त होगी। यात्रा के दौरान वे लगातार जातीय अहंकार छोड़ने, एकता बढ़ाने और सामाजिक समरसता का संदेश देते नजर आ रहे हैं।




