लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अगर सभी विभाग मिलकर काम करें तो राज्य के युवाओं के लिए नौकरियों की बौछार हो सकती है। उन्होंने युवाओं को हुनर और रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भर्ती प्रक्रिया अब पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो चुकी है। रविवार (7 सितंबर) को लोक भवन में सीएम योगी ने 1510 चयनित अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र सौंपे और इस मौके पर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। पिछले 8 वर्षों के दौरान सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने 8.50 लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी उपलब्ध करवाने में सफलता प्राप्त की है।
पारदर्शी प्रक्रिया से युवाओं का भरोसा बढ़ा
योगी ने कहा कि यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने भर्ती को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाकर युवाओं का विश्वास जीता है। अब किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार की जरूरत नहीं है, केवल योग्यता के आधार पर चयन हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है– “सबको हुनर, सबको रोजगार।” सीएम ने कहा कि व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को उद्योगों से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
इस अवसर पर उन्होंने समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर भी निशाना साधा। योगी ने कहा कि अगर 400 साल पहले की स्थिति देखें तो उत्तर प्रदेश देश का सबसे समृद्ध राज्य था, लेकिन विदेशी आक्रांताओं और अंग्रेजों की लूट के बावजूद 1947 तक उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में अव्वल थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 1960 के बाद गलत नीतियों और वोट बैंक की राजनीति ने यूपी को पीछे धकेल दिया और 2016 तक राज्य का योगदान देश की अर्थव्यवस्था में घटकर सिर्फ 8 प्रतिशत रह गया। वर्ष 2017 के पहले जो उत्तर प्रदेश बॉटम 5 में था, आज वह प्रदेश देश के अंदर ज्यादातर स्कीम में नंबर 1 पर है.
आईटीआई और कौशल प्रशिक्षण से बढ़े अवसर
कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी जानकारी दी कि प्रदेश के 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 92 ट्रेड संचालित हो रहे हैं, जिनमें 1,84,280 सीटें उपलब्ध हैं। इसके तहत 2022 में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से 2406 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इनमें से 1510 अनुदेशकों का चयन किया जा चुका है और शेष 341 पदों का परिणाम जल्द घोषित होने की संभावना है।
पिछले आठ सालों में उत्तर प्रदेश सरकार ने 60 से अधिक नए राज्यीय आईटीआई खोले हैं। वर्तमान में 324 आईटीआई के माध्यम से करीब 1.84 लाख युवाओं को 82 ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सीएम ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षक और प्रधानाचार्य के रिक्त पदों पर भी नियुक्तियां तेजी से हो रही हैं। हाल ही में 150 से अधिक प्रधानाचार्य और 1510 प्रशिक्षकों की तैनाती की गई है।
योगी ने दोहराया कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल और रोजगार के साथ जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश रोजगार और प्रशिक्षण का मजबूत केंद्र बन रहा है, जहां अब अवसर केवल योग्यता के आधार पर ही मिलेंगे।




