भाजपा सांसदों की दो दिनी वर्कशॉप दिल्ली में आज से शुरू हुई। संसद परिसर में आयोजित इस वर्कशॉप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। उन्होंने हॉल में सबसे पीछे की पंक्ति में बैठकर सांसदों के साथ सत्र सुना। गोरखपुर से सांसद रविकिशन और राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने पीएम मोदी की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। सूत्रों का कहना है कि सत्र के दौरान सांसदों ने हाल ही में जीएसटी स्लैब में बदलाव करने के फैसले पर प्रधानमंत्री को धन्यवाद भी दिया।
यह वर्कशॉप दो दिन में चार सत्रों में पूरी की जाएगी। इसमें भाजपा के इतिहास, संगठन के विकास और सांसदों की कार्यकुशलता को बढ़ाने पर चर्चा होगी। साथ ही सांसदों को उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले वोटिंग की बारीकियों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रेनिंग
वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए सांसदों की 100 प्रतिशत भागीदारी और सही वोटिंग सुनिश्चित करना है। बताया जा रहा है कि सांसदों को यह सिखाया जा रहा है कि बैलट पेपर पर सही निशान कैसे लगाना है, चुनाव अधिकारी द्वारा दिए गए पेन का ही इस्तेमाल करना है और बैलट पेपर को सही तरीके से मोड़कर बॉक्स में डालना है, ताकि कोई वोट अमान्य न हो।
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में गुप्त मतदान होता है और इस दौरान पार्टी व्हिप लागू नहीं होता है। ऐसे में एनडीए का पूरा ध्यान क्रॉस वोटिंग रोकने और अवैध वोटों की संख्या कम करने पर है। चुनाव की गिनती भी उसी दिन यानी 9 सितंबर को होगी। एनडीए ने अपने उम्मीदवार के रूप में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है। उनका मुकाबला विपक्षी गठबंधन I.N.D.I. के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी से होगा। रेड्डी आंध्र प्रदेश से हैं, जबकि सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं।
यह चुनाव उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद हो रहा है। धनखड़ ने 21 जुलाई की रात पद छोड़ दिया था, जबकि उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक होना था।
पीएम का डिनर रद्द, बाढ़ प्रभावित राज्यों का दौरा करेंगे
वर्कशॉप के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने 8 सितंबर को एनडीए सांसदों के लिए होने वाला डिनर रद्द कर दिया। इसकी वजह पंजाब और कई अन्य राज्यों में आई बाढ़ को बताया गया है। पीएम मोदी अब बाढ़ प्रभावित राज्यों का दौरा करेंगे और वहां की स्थिति का जायजा लेंगे। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और गुजरात समेत कई राज्यों में भारी नुकसान हुआ है।
दूसरी ओर, उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले एनडीए लगातार अन्य दलों के समर्थन की कोशिश कर रहा है। आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी पहले ही अपने 11 सांसदों के साथ एनडीए के उम्मीदवार का समर्थन करने का ऐलान कर चुकी है। अब गठबंधन ओडिशा की बीजेडी और तेलंगाना की बीआरएस को भी अपने साथ लाने की कोशिश में जुटा है। हालांकि बीजेडी ने अब तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।
लोकसभा की 542 सीटों में एक खाली है। एनडीए के पास लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 129 सांसद हैं। इस तरह कुल 422 सांसद एनडीए के साथ हैं। बहुमत हासिल करने के लिए 391 सांसदों के वोट जरूरी हैं। पिछले उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार को 528 वोट मिले थे, जबकि विपक्ष की मार्गरेट अल्वा को सिर्फ 182 वोट मिले थे।




