उत्तर प्रदेश के सहकारिता विभाग की विभिन्न संस्थाओं में करीब 5000 पद खाली चल रहे हैं, जिन्हें भरने के लिए जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार ने Institute of Banking Personnel Selection (आइबीपीएस) की ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा के जरिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करने की अनुमति प्रदान की है। इसके बाद विभाग ने सभी संबंधित संस्थाओं को रिक्त पदों का पूरा ब्यौरा भेजने के निर्देश दिए हैं।
50 जिला सहकारी बैंक मुख्य रूप से रिक्त
प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने बताया कि केवल 50 जिला सहकारी बैंकों में लगभग 2200 पद रिक्त हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक, उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव यूनियन, उ.प्र. श्रम एवं विकास सहकारी संघ और राज्य निर्माण सहकारी संघ जैसे अन्य प्रमुख संस्थानों में भी पद खाली हैं। कुल मिलाकर, राज्य की सहकारी संस्थाओं में लगभग 5000 पद रिक्त होने का अनुमान है। हालांकि विभाग की अन्य संस्थाओं में फिलहाल पद रिक्त होने की कोई सूचना नहीं है।
इसके साथ ही, विभाग ने सभी संस्थाओं को इस संबंध में पूरी जानकारी सेवा मंडल को जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं ताकि भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ किया जा सके।
वेतनभोगी कर्मचारी भर्ती भी होगी
वहीं, उत्तर प्रदेश के बहुद्देशीय प्रारंभिक कृषि समितियों (पैक्स) में लगभग 7,500 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की भर्ती भी की जाएगी। इसके लिए आवश्यक मानदेय पैक्स द्वारा दिया जाएगा, जिससे सरकार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं आएगा।
यह भर्ती प्रक्रिया दो साल पहले मंजूर हुई थी, लेकिन आइबीपीएस की ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने की तकनीकी कारणों से कुछ समय तक इसे लागू नहीं किया जा सका था।
मुख्य सचिव सौरभ बाबू ने बताया कि अब सरकार ने इस ऑनलाइन परीक्षा के माध्यम से भर्तियों की अनुमति दे दी है और संबंधित अधियाचन जल्द आइबीपीएस को भेजा जाएगा। इससे जल्द ही रिक्त पदों पर योग्य लोगों का चयन हो सकेगा और सहकारिता संस्थाएं अपनी कार्यक्षमता बढ़ा पाएंगी।
इस भर्ती से न केवल संस्थाओं को मजबूत किया जाएगा, बल्कि सहकारी क्षेत्र में भी सुधार और विकास की उम्मीद है।
सरकार की इस पहल से उत्तर प्रदेश के सहकारिता क्षेत्र में नए सिरे से गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




