नेपाल में भड़की हिंसा का असर अब भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों तक दिखा। यूपी के कई बॉर्डर जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। लखीमपुर खीरी, बहराइच, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और गोरखपुर से सटी सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सोमवार और मंगलवार (8-9 सितंबर) को हिंसा तेज हुई। नेपालगंज और धनगढ़ी में हालात बिगड़ने के बाद सीमा से लगे भारतीय जिलों को अलर्ट कर दिया गया।
नेपालगंज में हिंसा, बॉर्डर पर तनाव
बहराइच जिले से सटे बांके जिले के नेपालगंज शहर में मंगलवार को भारी बवाल हुआ। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और जमुनहा चौकी पर तोड़फोड़ कर दी। भीड़ भारतीय सीमा की ओर बढ़ी तो सशस्त्र सीमा बल (SSB) और पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। हालात को देखते हुए सीमा पर सघन चेकिंग की जा रही है। रुपईडीहा बॉर्डर से नेपाल जाने वाले भारतीयों को रोक दिया गया है।
धनगढ़ी में हमला, पूर्व पीएम का घर जला
लखीमपुर खीरी से महज एक किमी दूर कैलाली जिले के धनगढ़ी शहर में भी प्रदर्शन हिंसक हो गया। यहां भीड़ ने छह बार के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी पर हमला कर दिया। उनके आवास के साथ विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा का घर, मुख्यमंत्री कार्यालय और कई राजनीतिक दलों के दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया गया। भीड़ ने जेल पर धावा बोलकर कैदियों को भी छुड़ा लिया। हालात काबू से बाहर होने पर नेपाल सरकार ने धनगढ़ी में कर्फ्यू लागू कर दिया। देर रात नेपाली सेना ने पैदल गश्त शुरू कर दी।
महराजगंज से सटे जिले में बवाल
महराजगंज जिले के सोनौली बॉर्डर के सामने नेपाल में भी हालात बिगड़ गए हैं। वहां हजारों बाइक सवार सड़क पर उतर आए। बैरिकेडिंग तोड़ दी गई। हालांकि, इस बीच भैरहवा से उत्तर प्रदेश के नौतनवा जा रहे एक दूल्हे शाहनवाज को परिवार समेत जांच के बाद भारत में प्रवेश की अनुमति दी गई।
उत्तर प्रदेश में अलर्ट
यूपी-नेपाल सीमा पर स्थित जिले-लखीमपुर खीरी, बहराइच, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बलरामपुर और गोरखपुर, को अलर्ट किया गया है। लखीमपुर के गोरीफंटा बॉर्डर को सील कर दिया गया। डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। रुपईडीहा बॉर्डर पर करीब 200 ट्रक खड़े कर दिए गए हैं। इनमें खाद्यान्न, पेट्रोलियम और घरेलू सामान लदा है। केवल पेट्रोल और गैस से भरे कुछ ट्रकों को नेपाल प्रशासन की अनुमति और सैन्य सुरक्षा में आगे बढ़ाया जा रहा है।
बस और फ्लाइट सेवाओं पर असर
हिंसा का असर उत्तर प्रदेश से नेपाल जाने वाली परिवहन सेवाओं पर भी पड़ा है। गोरखपुर से सोनौली जाने वाली रोडवेज बसों की संख्या अचानक 50 फीसदी घट गई है। वहीं, नेपाल जाने वाली कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स भी प्रभावित हुईं। दिल्ली, दुबई और बैंकॉक से आने वाली चार फ्लाइट्स को लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर उतारा गया। अबूधाबी से काठमांडू जाने वाली फ्लाइट को वाराणसी डायवर्ट किया गया। इसमें 144 यात्री सवार थे।
निगरानी और सख्त जांच
बहराइच के रुपईडीहा और महराजगंज के सोनौली बॉर्डर पर सुरक्षा बलों ने चेकिंग बढ़ा दी है। हर आने-जाने वाले व्यक्ति से पहचान पत्र दिखाने को कहा जा रहा है। सीमा पर किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और SSB जवान मुस्तैद हैं।
हिमालय में बेस इस राष्ट्र की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए माना जा रहा है कि सीमा से लगे भारतीय जिलों में एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय तक कड़ी रह सकती है।
नेपाल में हिंसक आंदोलन
नेपाल में सोशल मीडिया बैन को ले कर आंदोलन 7 सितंबर को शुरू हुआ जो हिंसा का रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने नेपाल के संसद भवन को आग लगा दी। नेताओं के घरों को आग लगा दिया और उनको सड़को पर दौड़ा-दौड़ा कर मारा। हिंसा में 20 से अधिक लोगों की जान गई और सैकड़ो घायल हुए। प्रदर्शन ओली सरकार को नेपाल से हटाने के लिए हुए। ऐसे में नेपाल प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों को इस्तीफा देना पड़ा और नेपाल आर्मी को हालात को नियंत्रित करने के लिए सड़को पर उतरना पड़ा। कल रात 10 बजे से सेना ने क़ानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए नेपाल को अपने हाथों में लिया।




