उत्तर प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए मिशन शक्ति 5.0 का बड़े पैमाने पर आगाज हो चुका है। सोमवार (21 सितंबर) को प्रदेश भर के परिषदीय विद्यालयों में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गईं। वहीं, आज 23 सितंबर को बेटियां विभिन्न विभागों में एक दिन की अधिकारी बनकर कार्य संचालन करेंगी।
सोमवार को स्कूलों में छात्राओं ने रैली निकालकर और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर महिला सुरक्षा, शिक्षा और समाज में उनकी भागीदारी का संदेश दिया। प्रदेश के कस्तूरबा और परिषद स्कूलों में बालिकाओं ने बाल अधिकारों पर जागरूकता दिखाई। इस दौरान मां दुर्गा के स्वरूपों पर आधारित नाटक मंचन भी हुआ। साथ ही रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण देकर बेटियों को सशक्त बनाया गया।
बालिकाओं ने मां दुर्गा के नौ रूपों से संबंधित पोस्टर बनाकर अपनी प्रतिभा दिखाई। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि मिशन शक्ति 5.0 का उद्देश्य हर बालिका को शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करना है। उनकी प्रतिभा को निखारना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस मिशन के तहत सभी स्कूलों में अनेक कार्यक्रम कराए जा रहे हैं।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षा के साथ हर बालिका को सक्षम, जागरूक और नेतृत्व करने योग्य बनाना सरकार का संकल्प है। मिशन शक्ति 5.0 इस प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
30 सितंबर तक कार्यक्रमों की श्रृंखला
- 23 सितंबर : बेटियां बनेंगी एक दिन की अधिकारी
- 24 सितंबर : मीना दिवस, बालिकाओं को दिखाई जाएगी फिल्म निडर
- 25 सितंबर : केजीबीवी छात्राओं का बैंक भ्रमण व जागरूकता कार्यक्रम
- 26 सितंबर : विद्यालयों में नामचीन महिलाओं से संवाद और आत्मरक्षा प्रशिक्षण
- 27 सितंबर : थाना भ्रमण, साइबर क्राइम व हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
- 28 सितंबर : बाल विवाह, महिला योजनाओं और सामाजिक मुद्दों पर नुक्कड़ नाटक
- 29 सितंबर : बालिका अधिकार और उनके लिए संचालित योजनाओं की जानकारी
- 30 सितंबर : सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य जांच तथा जनजागरूकता कार्यक्रम




