मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज, 6 अक्टूबर को वाराणसी में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) कॉन्क्लेव 2025 में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र में हुए उत्थान और विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला।
योगी जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश वह राज्य है, जिसके पास देश में सबसे अधिक कृषि विश्वविद्यालय हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पाँचवां कृषि विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में 70 लाख हेक्टेयर भूमि में धान, 100 लाख हेक्टेयर में गेहूँ और 29 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती होती है। उन्होंने कहा कि खेती और कृषि की दृष्टि से उत्तर प्रदेश देश का एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है, जिसकी वजह से भारत में खाद्य पदार्थों की कोई कमी नहीं होती।
कृषि में इनोवेशन और रिसर्च पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि हमें कृषि क्षेत्र में इनोवेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट को प्राथमिकता देनी होगी, ताकि कम संसाधनों में अधिक पैदावार प्राप्त की जा सके।
कला नामक के इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यह परंपरा भगवान बुद्ध के समय वाराणसी से प्रारंभ हुई थी, जब उन्होंने इसे प्रसाद के रूप में दिया था। आज इसी परंपरा को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के तहत सिद्धार्थनगर से पुनः आरंभ किया गया है।
लखनऊ में बनेगा चौधरी चरण सिंह सीड पार्क
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह जी के नाम पर लखनऊ में एक सीड पार्क का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन देखे हैं। आज प्रदेश देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन का लगभग 21 प्रतिशत हिस्सा अकेले पैदा कर रहा है, जो कृषि प्रगति का प्रमाण है।
छात्रों को प्रमाण-पत्र, लैपटॉप और सिलाई मशीनें वितरित कीं
इसी अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा विश्वनाथ जी की पावन नगरी वाराणसी स्थित श्री अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम में छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र, लैपटॉप और सिलाई मशीनें वितरित कीं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘मिशन शक्ति’ कार्यक्रम के तहत महिला सुरक्षा, महिला सम्मान और नारी स्वावलंबन से जुड़ी योजनाएँ निरंतर चल रही हैं। बेटियों को राज्य सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।
संस्कृत छात्रों के लिए नई स्कॉलरशिप योजना की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे प्रसन्नता है कि हमने संस्कृत पढ़ने वाले हर छात्र के लिए स्कॉलरशिप जारी की है। आने वाले समय में हम यह भी व्यवस्था करने जा रहे हैं कि संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों के रहने और खाने की सुविधा के लिए भी सरकार अनुदान देगी। इसके अलावा, संस्कृत में विशिष्ट शोध और उच्च अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए विशेष स्कॉलरशिप योजना भी जल्द शुरू की जाएगी।”




