बदायूं के कुवरगांव स्थित बीआरबी स्कूल के पीछे एक खेत में गाय का कटा हुआ सिर मिलने से इलाके में तनाव फैल गया। खबर मिलते ही हिंदू संगठनों के 100 से अधिक सदस्य सड़कों पर उतर आए। उन्होंने गाय के सिर को कंधे पर रखकर जुलूस निकाला और विरोध स्वरूप बरेली हाईवे जाम कर दिया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गाय का सिर जब्त करने की कोशिश की, जिससे प्रदर्शनकारियों के साथ विवाद हो गया। करीब डेढ़ से दो घंटे तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और लापरवाही व देरी से कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
हाईवे पर भारी सुरक्षा
विरोध बढ़ता देख चार थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी पीएसी (Provincial Armed Constabulary) को तैनात किया गया। पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया। बातचीत के बाद लगभग डेढ़ घंटे चले विरोध प्रदर्शन को खत्म कराया गया। देर शाम बरेली हाईवे के किनारे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ गाय के अवशेषों को दफनाया गया।
मुठभेड़ के बाद तीन आरोपी गिरफ्तार
करीब दस घंटे बाद, रात 1:30 बजे पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान असलम, मुजाहिद और शाहरुख के रूप में हुई, जो सभी कुवरगांव क्षेत्र के निवासी हैं। इनमें से दो के पैरों में गोली लगी, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बढ़ते गोहत्या के मामले
हिंदू नेता विकेंद्र शर्मा के अनुसार, अक्टूबर माह में इससे पहले भी कई बार गाय के अवशेष मिलने की घटनाएं सामने आई थीं। पुलिस को शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अप्रत्यक्ष रूप से दोषियों को संरक्षण दे रही है। एक माह पहले सहसवान क्षेत्र में भी कई गायों के शव मिले थे, जिसके बाद बहारे आलम नामक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था।
बदायूं में गाय का कटा सिर मिलने से सांप्रदायिक तनाव फैल गया और हिंदू संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस ने भारी तैनाती कर स्थिति पर काबू पाया, लेकिन लगातार हो रही गोहत्या की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। लोग दोषियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।




