प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हेतु परिसीमन प्रक्रिया पूरी हो गई है। शहरी क्षेत्रों के विस्तार से 644 क्षेत्र पंचायत वार्ड और 15 जिला पंचायत वार्ड समाप्त हो गए हैं। साथ ही 501 ग्राम पंचायतें और लगभग 1,700 ग्राम पंचायत वार्ड भी घटे हैं।
42 जिलों में आंशिक परिसीमन
नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों के गठन व सीमा विस्तार से प्रदेश के 42 जिले प्रभावित हुए। इसलिए पंचायतीराज विभाग ने इन जिलों में आंशिक परिसीमन कराया। उच्चस्तरीय सूत्रों के अनुसार, इन जिलों में ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत वार्डों का पुनः सीमांकन पूरा हो चुका है तथा राज्य स्तर पर इसका डाटा लगभग तैयार है।
पंचायत चुनाव अप्रैल–मई 2026 में होंगे।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अप्रैल-मई 2026 में होंगे। वर्ष 2021 में क्षेत्र पंचायत वार्डों की संख्या 75,844 थी, जो अब घटकर 75,200 रह गई है। इसी तरह जिला पंचायत वार्ड अब 3,030 से घटकर 3,015 हो गए हैं। वर्ष 2021 में 58,195 ग्राम पंचायतें थीं, जो अब घटकर 57,694 रह गई हैं।
कुल 512 ग्राम पंचायतें समाप्त हुईं जबकि 11 नई गठित हुई हैं। ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायतों का कार्यकाल क्रमशः 26 मई, 19 जुलाई और 11 जुलाई 2026 को समाप्त होगा। इस प्रकार, पंचायत चुनाव अप्रैल-मई 2026 में प्रस्तावित हैं।
बुलंदशहर समेत 42 जिले प्रभावित हैं—अलीगढ़, अम्बेडकरनगर, अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलरामपुर, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बुलंदशहर, चित्रकूट, देवरिया, एटा, इटावा, फर्रूखाबाद, फतेहपुर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, हाथरस, जौनपुर, खीरी, कुशीनगर, लखनऊ, मथुरा, मऊ, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, रायबरेली, संतकबीरनगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र और उन्नाव शामिल हैं।




