दुर्गा पूजा, दीपोत्सव, अक्षय नवमी और परिक्रमा जैसे बड़े आयोजनों को सफलतापूर्वक संभालने के बाद अब अयोध्या पुलिस ने थोड़ी राहत की सांस ली है। हालांकि, अगली बड़ी चुनौती अब सामने है — 25 नवंबर को होने वाला ध्वजारोहण समारोह, जिसकी तैयारियों और रिहर्सल की शुरुआत हो चुकी है।
पीएम की यात्रा की सुरक्षा तैयारियाँ
उत्सवों की नगरी अयोध्या में पुलिस-प्रशासन के लिए हर दिन एक नई चुनौती रहती है। पिछले एक महीने में लगभग 60 लाख श्रद्धालुओं के आगमन के चलते प्रशासनिक भार और बढ़ गया था। इन सभी धार्मिक आयोजनों को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराते हुए — और एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल करने के बाद — पुलिस को जरूर थोड़ी राहत मिली है, लेकिन जिम्मेदारियाँ अभी भी जारी हैं।
आगामी ध्वजारोहण समारोह सबसे बड़ा सुरक्षा परीक्षण साबित होने वाला है, क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री के शिरकत करने की संभावना है। कार्यक्रम में कुछ ही सप्ताह शेष होने के कारण, खुफिया एजेंसियों ने अयोध्या में डेरा डाल दिया है और सुरक्षा तैयारी तेज़ी से आगे बढ़ रही है। अधिकारियों ने पिछली बार प्रधानमंत्री के दौरों से संबंधित फाइलों की समीक्षा शुरू कर दी है ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी न रह जाए। विशेष सुरक्षा बलों और उन अनुभवी अधिकारियों की मदद ली जा रही है जो पहले भी अयोध्या में सुरक्षा संभाल चुके हैं, खासकर राम मंदिर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के लिए।
हालांकि प्रधानमंत्री के दौरे का आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन पीएमओ की घोषणा के बाद से ही राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि हालिया धार्मिक आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के बाद अब ध्यान आगामी ध्वजारोहण समारोह के लिए शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर है। उन्होंने कहा, “मजबूत सुरक्षा ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है ताकि अयोध्या आने वाला हर व्यक्ति सुरक्षा और शांति का अनुभव कर सके।”




