उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, जनता का विश्वास सुशासन की सबसे बड़ी ताकत है, और प्रत्येक प्रभावित नागरिक को समयबद्ध न्याय और राहत दिलाना प्रशासन का दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जन शिकायतों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निपटाया जाए।
शनिवार (1 नवंबर) को प्रतिकूल मौसम के कारण जनता दर्शन कार्यक्रम गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने यहाँ करीब 200 लोगों की समस्याएँ सुनीं। उन्होंने उपस्थित लोगों के बीच जाकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनकी समस्याओं को विस्तार से जाना। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रार्थना पत्र का त्वरित, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा।” मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि भूमाफिया और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
चिकित्सा सहायता और संवेदनशील शासन सुनिश्चित करना
कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सहायता मांगने आए थे। योगी ने आश्वासन दिया कि “किसी का भी इलाज धन की कमी के कारण रुकने नहीं दिया जाएगा।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन्नत चिकित्सा उपचार के लिए अनुमान जल्द तैयार कर सरकार को भेजें ताकि आवश्यक धनराशि तुरंत जारी की जा सके।
जनता दर्शन ने एक बार फिर सीएम और जनता के बीच सीधे संवाद के माध्यम से संवेदनशील शासन का उदाहरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को फोन कर निर्देश दिए। महिलाओं की सुरक्षा, वरिष्ठ नागरिक सहायता, भूमि विवाद और आवास योजनाओं से जुड़ी शिकायतों को विशेष प्राथमिकता दी गई।
सीएम योगी ने कहा कि जनता दर्शन सरकार और जनता के बीच पुल का काम करता है, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता मजबूत होती है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य हर नागरिक को न्याय सुनिश्चित करना है, ताकि किसी पीड़ित को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष न करना पड़े।”




