उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के अद्यतन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। निर्वाचन विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) फॉर्म नहीं भरता और जमा नहीं करता, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। अधिकारियों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ें, ताकि हर योग्य मतदाता का नाम सूची में सुरक्षित बना रहे।
बीएलओ घर-घर जाकर कर रहे सत्यापन
प्रदेशभर में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अपने क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर एसआईआर फॉर्म बांट रहे हैं। यह फॉर्म मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखने के लिए दिया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि मतदाता को यह फॉर्म ध्यानपूर्वक भरकर, हस्ताक्षर करके बीएलओ को वापस देना जरूरी है। अगर मतदाता घर पर नहीं मिलता, तो परिवार का कोई वयस्क सदस्य सभी लोगों की जानकारी भरकर फॉर्म जमा कर सकता है।
मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने हाल ही में जिलों के निर्वाचन अधिकारियों के साथ एसआईआर अभियान की वर्चुअल समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। किसी भी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीईओ ने सभी जिलाधिकारियों को राजनीतिक दलों के साथ बैठकें करने और बूथ लेवल एजेंट (BLA) की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि बीएलओ को हर स्तर पर सहयोग मिल सके।
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फॉर्म वितरण और ऐप अपडेट में तेजी पर जोर
बैठक में बताया गया कि सभी जिलों में प्रपत्रों की छपाई पूरी हो चुकी है। जहां वितरण की रफ्तार धीमी है, वहां इसे तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएलओ को BLO ऐप (संस्करण 8.7) डाउनलोड कर प्रगति रिपोर्ट ऑनलाइन अपडेट करने को कहा गया है। इसके साथ ही, वर्ष 2003 की मतदाता सूची को मौजूदा सूची से तीन दिनों के भीतर मैप करने का निर्देश भी दिया गया है।
मतदाताओं के लिए नई सुविधा शुरू
मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने “Book a Call with BLO” सुविधा की शुरुआत की है। अब मतदाता voters.eci.gov.in पोर्टल पर जाकर अपने बीएलओ से कॉल का अनुरोध कर सकते हैं, और बीएलओ को 48 घंटों के भीतर कॉल का जवाब देना अनिवार्य होगा। सीईओ ने इसे हेल्पलाइन 1950 की तरह व्यापक रूप से प्रचारित करने को कहा है।
इसके अलावा, हर जिले में जिला संपर्क केंद्र (DCC) भी स्थापित किए जाएंगे, जहां मतदाता अपनी समस्याओं का समाधान ले सकेंगे। इसके लिए संबंधित जिले के STD कोड के साथ 1950 डायल करना होगा।




