Tuesday, March 3, 2026
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नाइट शिफ्ट और डबल वेतन: यूपी में कामकाजी महिलाओं के लिए योगी सरकार का बड़ा फैसला — जानिए पूरी जानकारी

एक बड़े सुधार के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने आधिकारिक रूप से महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दे दी है। सरकार की ओर से गजट अधिसूचना जारी कर इसके नियम और शर्तें स्पष्ट कर दी गई हैं।

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योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश की लाखों कामकाजी महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह फैसला न केवल महिलाओं की कार्यक्षेत्र में भागीदारी को मजबूत करेगा, बल्कि उनके लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा और उनके परिवारों को मानसिक शांति भी देगा।

अब महिलाएं कर सकेंगी नाइट शिफ्ट में काम

एक बड़े सुधार के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने आधिकारिक रूप से महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दे दी है। सरकार की ओर से गजट अधिसूचना जारी कर इसके नियम और शर्तें स्पष्ट कर दी गई हैं।

आदेश के अनुसार, महिला कर्मचारियों की सहमति अनिवार्य होगी। यदि कोई महिला नाइट शिफ्ट में काम नहीं करना चाहती, तो कंपनी उसे जबरन नाइट ड्यूटी पर नहीं लगा सकती।

काम के घंटे और सुरक्षा से जुड़ी अनिवार्य व्यवस्थाएं

जारी अधिसूचना के मुताबिक, अब महिलाएं शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक काम कर सकती हैं। इस दौरान कंपनियों को महिलाओं की सुरक्षा, उचित वेतन और अन्य कल्याणकारी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखना होगा।

नियोक्ताओं को सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह का समझौता करने की अनुमति नहीं होगी।

डबल वेतन और सुरक्षा ढांचे का प्रावधान

नए आदेश में यह भी कहा गया है कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं को दोगुना वेतन दिया जाएगा। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कंपनियों को सीसीटीवी कैमरे लगाना, सुरक्षा गार्ड तैनात करना और आवागमन के लिए सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

इन सभी दिशानिर्देशों का पालन करवाना कंपनी की जिम्मेदारी होगी और नाइट शिफ्ट के लिए महिलाओं की सहमति आवश्यक रहेगी।

काम और ओवरटाइम के नए नियम

नए आदेश के अनुसार, महिलाएं सप्ताह में अधिकतम छह दिन तक काम कर सकेंगी। ओवरटाइम की सीमा को 75 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दिया गया है। इस दौरान महिलाओं को दोगुना वेतन दिया जाएगा।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम

योगी सरकार की यह पहल महिला सशक्तिकरण और कार्यस्थल पर समानता की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। यह सरकार की इस मंशा को दर्शाती है कि वह कामकाजी महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करना चाहती है।

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