अयोध्या के सरयू तट पर स्थित रामकथा पार्क में शुक्रवार सुबह फिल्मी सितारों से सजी भव्य रामलीला के सातवें संस्करण का भूमि पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। नगर महापौर गिरीशपति तिवारी और अयोध्या की रामलीला समिति के अध्यक्ष सुभाष मलिक ने संयुक्त रूप से भूमि पूजन कर आयोजन की औपचारिक शुरुआत की।
जानकारी के मुताबिक, यह रामलीला 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 7 से रात 10 बजे तक मंचित होगी। इस दौरान देशभर के रामभक्तों के लिए रामलीला का सीधा प्रसारण यूट्यूब और विभिन्न टीवी चैनलों पर किया जाएगा।
आयोजन में फिल्म जगत की बड़ी हस्तियाँ रामायण के अलग-अलग पात्रों का अभिनय करती नजर आएंगी। इस बार परशुराम की भूमिका पुनीत इस्सर, अहिरावण के रूप में रजा मुराद, हनुमान जी का किरदार राजेश पुरी, जनक के पात्र में राकेश बेदी और विभीषण के रूप में अवतार गिल मंच पर दिखाई देंगे। वहीं, रावण की भूमिका को मनीष शर्मा जीवंत करेंगे।
रामलीला में आकर्षण का केंद्र इस बार 190 फीट ऊंचा रावण दहन होगा। इसके निर्माण का कार्य दिल्ली से आए कलाकार 28 सितंबर से प्रारंभ करेंगे। यह विशाल संरचना भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।
दिल्ली सीएम और यूपी सीएम होंगे शामिल
कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने मंत्रिमंडल के कई सहयोगियों के साथ अयोध्या आने वाली हैं। इसी अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को भी आमंत्रण भेजा गया है। ऐसे में ये मौक़ा बहुत ही महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश, योगी सरकार के नेतृत्व में “सांस्कृतिक संपर्क” को बढ़ावा दे रही है। ये भव्य रामलीला उसका एक हिस्सा है। ऐसे कार्यक्रमों से न केवल राज्य का सांस्कृतिक उत्थान होता है बल्कि राज्य में पर्यटन भी बढ़ता है। संस्कृति समाज की आइना होती है ऐसे में रामलीला का होना प्रदेश के लिए अच्छी खबर है।
रामलीला समिति का कहना है कि यह आयोजन न सिर्फ सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का प्रयास है, बल्कि अयोध्या की आस्था और कला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा। श्रद्धालु और दर्शक दोनों ही इस ऐतिहासिक मंचन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।




