अयोध्या में महाअष्टमी के अवसर पर माता रानी के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया और कन्या भोज कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। जिले के सभी 2381 आंगनवाड़ी केंद्रों पर महाअष्टमी और महानवमी (1 अक्टूबर) को करीब 25,000 बालिकाओं का पूजन और भोजन कराया जाएगा।
दो दिवसीय आयोजन की शुरुआत
यह धार्मिक आयोजन आज महाअष्टमी से प्रारंभ हुआ है और दो दिनों तक चलेगा। इसमें छोटी बालिकाओं को पूजित कर स्वादिष्ट भोजन पेश किया गया। कन्या पूजन का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है।
अयोध्या जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में 06 माह से 06 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 2.20 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इन केंद्रों द्वारा बाल विकास से संबद्ध अनेक विभागीय योजनाएं संचालित की जाती हैं। इससे पूर्व चैत्र नवरात्र में भी आंगनवाड़ी कर्मियों ने जिले में लगभग 21,000 कन्याओं का पूजन और भोज कराया था।
जिलाधिकारी की अपील और उद्देश्य
जिलाधिकारी ने बाल विकास विभाग के अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों तथा सहायिकाओं से अपील की है कि इस आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दया, ममता, करुणा, ईमानदारी, संस्कृति तथा नैतिकता जैसे महत्वपूर्ण मानवीय मूल्यों का संरक्षण करना है।
इस दौरान कन्याओं को पूड़ी, सब्जी, खीर, फल और मिष्ठान परोसे गए। देवी दुर्गा के प्रति आभार जताने के लिए दक्षिणा देकर उनका सम्मान भी किया गया।
महिला सशक्तिकरण पर योगी सरकार का जोर
यूपी सरकार महिलाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। उनके शिक्षा से लेकर उनके नौकरी तक की जिम्मेदारी को सरकार बखूबी निभा रही है। उत्तर प्रदेश में सीएम योगी के नेतृत्व में मिशन शक्ति भी पिछले 4 साल से चलाई जा रही है। इसके तहत “महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा, सशक्तिकरण व सम्मान” पर सरकार का विशेष ध्यान है।
अभी तक 4 चरणों में इसका संचालन किया जा चुका है। मिशन शक्ति के अंतर्गत प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग, गृह, सहित 28 विभागों तथा समाज-सेवी संस्थायें तथा शैक्षणिक संस्थानों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है




