आयुष्मान कार्डधारकों को अब निजी अस्पतालों के आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) में मुफ्त सेवाएं भी मिलेंगी। कुछ निजी अस्पतालों में पूरी तरह मुफ्त इलाज की बजाय आयुष्मान कार्ड पर रियायती दरों पर इलाज उपलब्ध होगा। उत्तर प्रदेश ऐसा करने वाला पहला राज्य बन गया है।
राज्य आयुष्मान सेवाओं का संचालन करने वाली संस्था “स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज” (सचिस) ने अस्पताल अपॉइंटमेंट सिस्टम तैयार किया है। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थी प्रदेश हेल्पलाइन के जरिए ओपीडी सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था के तहत मरीज हेल्पलाइन पर कॉल कर निजी अस्पतालों की OPD के लिए अपॉइंटमेंट बुक करेंगे।
पहले चरण में आयुष्मान भारत से संबद्ध 180 निजी अस्पताल चुने गए हैं। इनमें से करीब 20 अस्पताल पूर्व अपॉइंटमेंट पर कार्डधारकों को मुफ्त OPD सेवाएं देंगे, जबकि शेष अस्पतालों में OPD शुल्क पर 20 से 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इसके लिए निजी अस्पतालों ने सचिस के साथ समझौते किए हैं। अगले चरण में और अस्पतालों को जोड़ा जाएगा।
पांच प्रकार की ओपीडी शामिल
नई व्यवस्था के तहत पांच प्रकार की OPD सेवाएं उपलब्ध होंगी। सामान्य मरीजों का इलाज जनरल OPD में होगा। स्पेशलिटी OPD में हृदय, किडनी और गैस्ट्रो के मरीजों का इलाज होगा। इलेक्ट्रिव ODP में घुटना प्रत्यारोपण, प्रसव और मोतियाबिंद जैसे उपचार शामिल होंगे। फॉलो-अप OPD में दूसरी बार आने वाले मरीज देखे जाएंगे और इमरजेंसी ओपीडी में आकस्मिक/आपातकालीन मरीजों को लिया जाएगा।
इन OPD में इलाज कराने आए और भर्ती की आवश्यकता वाले मरीजों को अस्पताल सभी सुविधाएं मुफ्त देंगे। वहीं जिन मरीजों को भर्ती की जरूरत नहीं होगी, उन्हें OPD शुल्क पर छूट प्रदान की जाएगी।
हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल
आयुष्मान कार्डधारक हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-4444 पर कॉल कर अपनी पसंद का अस्पताल और डॉक्टर बता सकते हैं। इसके बाद कॉल सेंटर प्रतिनिधि उन्हें कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए सीधे अस्पताल की अपॉइंटमेंट टीम से जोड़ देगा। अस्पताल उपलब्ध स्लॉट बताएगा और अपॉइंटमेंट बुक हो जाएगा। तय तिथि और समय पर कार्डधारक को अपना आयुष्मान कार्ड लेकर अस्पताल पहुंचना होगा, जहां उनका इलाज शुरू हो जाएगा।
बेहतर सेवाओं की कोशिश
सचिस की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्चना वर्मा ने बताया कि राज्य सरकार आयुष्मान मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास कर रही है। इसी रणनीति के तहत निजी अस्पतालों को रियायती OPD सेवा में शामिल किया गया है और पहले चरण में 180 अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं।




