संभल में हिंसा के बाद लगातार कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई प्रकार की तैयारियां की जा रही है। इसी क्रम में बवाल वाले स्थान पर नई चौकी बनाई गई है। इसका शुभारंभ डीएम और एसपी ने विजयदशमी के दिन किया।
नखासा थाना क्षेत्र के हिंदूपुरा खेड़ा में बृहस्पतिवार (2 अक्टूबर) को पुलिस चौकी का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह में डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया, एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई, एएसपी कुलदीप सिंह और असमोली सीओ कुलदीप सिंह मौजूद रहे।
इस चौकी का शुभारंभ हिंदूपुरा खेड़ा की पांच वर्षीय बच्ची आयशा से कराया गया। अधिकारियों ने विधिवत हवन और पूजन संपन्न कराया। यह चौकी उसी जगह बनाई गई है जहां 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में भीड़ ने एकत्र होकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला किया था।
एसपी ने बताया कि उस समय जामा मस्जिद के पास तनाव के हालात बने थे। उपद्रव पर नियंत्रण पाने के बाद जब अधिकारी फोर्स के साथ शांति व्यवस्था कायम करने पहुंचे, तभी हिंदूपुरा खेड़ा में भीड़ ने हमला कर पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।
जिस स्थल पर हिंसा हुई, वहीं चौकी स्थापित की गई है। इसे विजयदशमी के अवसर पर आरंभ किया गया ताकि बुराई का अंत प्रतीकात्मक रूप से हो।
एसपी ने कहा कि उस घटना के बाद से शहर के मुख्य स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। जामा मस्जिद के निकट सत्यव्रत चौकी बनाई गई थी, जहां से पुलिस कंट्रोल रूम का संचालन होता है।
साथ ही जिले में 39 नई आउटपोस्टों का निर्माण किया जा रहा है, जिन पर सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। संभल शहर के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए जा चुके हैं।
क्या हुआ था 24 नवंबर को?
जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर से जुड़े विवाद पर चंदौसी सिविल जज (सीनियर डिवीजन) आदित्य सिंह के आदेश के अनुपालन के लिए पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में सर्वे टीम पहुंची। लेकिन मस्जिद के भीतर सर्वे करना बड़ी चुनौती बन गया। दरअसल 19 नवंबर को प्रशासन ने मस्जिद के सदर और समिति सदस्यों को जानकारी देकर सीमित लोगों को ही भीतर जाने की अनुमति दी थी, परन्तु नियमों का पालन नहीं हुआ और कई अनधिकृत लोग भी अंदर चले गए।
भीड़ अधिक हो जाने से पहले दिन सर्वे अधूरा छोड़ना पड़ा और इसे स्थगित कर दिया गया। इसी कारण 24 नवंबर को दोबारा सर्वे करने की तिथि तय की गई।




