बरेली में पिछले शुक्रवार (26 सितंबर) हुए बवाल के बाद इस जुमे की नमाज को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। एहतियात के तौर पर शनिवार (4 अक्टूबर) तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और पूरे शहर में भारी फोर्स तैनात की गई है।
8500 जवानों की तैनाती, शहर को चार जोन में बांटा
पुलिस, पीएसी और आरआरएफ के कुल 8500 जवानों को बरेली में तैनात किया गया है। इनमें करीब छह हजार जवान सिर्फ शहर के संवेदनशील इलाकों में लगाए गए हैं। शहर को चार सुपर जोन और चार स्पेशल जोन में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। इसके साथ ही 225 मजिस्ट्रेट की ड्यूटी भी लगाई गई है।
सोशल मीडिया पर निगरानी, यूट्यूबर और पत्रकार चिह्नित
प्रशासन की निगरानी सिर्फ सड़कों तक ही सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों पर भी पुलिस की नजर है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि बवाल के बाद कई यूट्यूबर और कथित पत्रकारों ने आधी-अधूरी जानकारी फैलाई थी। पुलिस ने हजियापुर के दो और फरीदपुर के एक यूट्यूबर को चिह्नित किया है। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा सकती है।
पांच से अधिक लोगों की भीड़ पर होगी कार्रवाई
एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने साफ कहा कि एक जगह पांच या उससे अधिक लोग अनावश्यक रूप से जुटे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी समस्या या अशांति की स्थिति में तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम पर 0581-2422202 या 0581-2428188 नंबर पर संपर्क करें।
ड्रोन से छतों की तलाशी
पिछले जुमे हुए बवाल के दौरान छतों से पथराव के वीडियो सामने आने के बाद इस बार पुलिस और ज्यादा सतर्क है। ड्रोन से छतों की खोजबीन करने के लिए आठ टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें सुबह से ही अलग-अलग इलाकों की निगरानी में जुटी होंगी। खासतौर पर मिश्रित आबादी वाले इलाकों को चिन्हित कर उनके मकानों की छतों पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी।
इंटरनेट बंद, अफवाह पर रोक
प्रशासन ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकी जा सके। बीते दिनों इंटरनेट चालू होने के बाद कई भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि इस जुमे भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा सकती है। इसी कारण शासन के आदेश पर पूरे शहर की इंटरनेट सेवा शनिवार तक बंद कर दी गई है।
जेल गए आरोपियों के समर्थक कर रहे माहौल खराब करने की कोशिश
बीते शुक्रवार को हुए बवाल के बाद दर्जनों लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ और कई आरोपी जेल भेजे गए। पुलिस-प्रशासन का कहना है कि अब शांति बनी हुई है, लेकिन आईएमसी कार्यकर्ताओं और आरोपियों का समर्थन करने वाले लोग माहौल भड़काने की कोशिश में लगे हैं। इसीलिए फोर्स की तैनाती और सुरक्षा इंतजाम और कड़े कर दिए गए हैं।
प्रशासन ने जनता से की अपील
प्रशासन ने साफ कहा है कि आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। जो भी सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं, वे सिर्फ शांति और भाईचारे को बनाए रखने के लिए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।




